Budget Session: नरवणे की किताब पर अड़े राहुल गांधी, पूर्व सेना अध्यक्ष पर किया बड़ा दावा
Rahul Gandhi On Former Army Chief Book: पूर्व सेना अध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे की किताब पर जो घमासान छिड़ा है, वह फिलहाल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। राहुल गांधी संसद में किताब का जिक्र करने पर अड़ गए हैं। वहीं, भाजपा की दलील है कि जब किताब प्रकाशित ही नहीं हुई तो उस पर बोला नहीं जा सकता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी लगातार नियमों का हवाला देते हुए उन्हें किताब का जिक्र नहीं करने की हिदायत दे रहे हैं।
सोमवार यानी 9 फरवरी को एक बार फिर राहुल गांधी लोकसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकसभा स्पीकर की तरफ से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उन्हें बोलने का मौका दिया जाएगा लेकिन, अब बोलने नहीं दिया जा रहा है।
किताब पर अड़े राहुल
राहुल गांधा ने एक बार फिर दोहराया कि वह किताब का जिक्र करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि या तो पूर्व सेना अध्यक्ष पर यकीन करें या पेंगुइन पर विश्वास करें। जाहिर तौर पर मैं जनरल नरवणे पर ही विश्वास करूंगा। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कहा कि यह उनका ट्वीट है। मनोज नरवणे ने कहा था कि मेरी किताब अब उपलब्ध है। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि नरवणे या पेंगुइन झूठ बोल रहे हैं। पेंगुइन कह रहा कि किताब पब्लिश नहीं हुई है।
क्यों हो रहा है विवाद
दरअसल, संसद के बजट सत्र की शुरुआत में राहुल गांधी ने मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का जिक्र संसद में करना चाहा। लेकिन सत्ता पक्ष की तरफ से राजनाथ सिंह और अमित शाह ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि जब किताब प्रकाशित ही नहीं हुई तो, उसका जिक्र कैसे किया जा सकता है। वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि संसद में किसी किताब का जिक्र नहीं किया जा सकता है। जबकी राहुल गांधी किताब का जिक्र करने पर अड़े हैं। दरअसल, राहुल गांधी का दावा है कि किताब में लद्दाख में चीनी घुसपैठ की घटना का जिक्र है।
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