320 पद और 1.68 लाख दावेदार, लेकिन पास होने वाले गिने-चुने; राजस्थान भर्ती परीक्षा ने सबको चौंकाया
RPSC Science Teacher Recruitment 2026: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित सीनियर टीचर (ग्रेड-2) प्रतियोगी परीक्षा-2024के साइंस विषय के नतीजे ने शिक्षा विभाग में योग्य उम्मीदवारों की कमी को उजागर कर दिया है। 350पदों के लिए कुल 1लाख 68हजार 206उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, लेकिन सिर्फ 296ही न्यूनतम अंक हासिल कर पाए। इससे 54पद खाली रहने की संभावना बनी हुई है।
दरअसल, यह भर्ती माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत सीनियर टीचर पदों के लिए निकाली गई थी, जो कुल 2,129पदों का हिस्सा है। इनमें 8विषय शामिल हैं, लेकिन साइंस विषय में आवेदकों की संख्या सबसे ज्यादा होने के बावजूद सफलता दर बेहद कम रही। परीक्षा में 1लाख 17हजार 364उम्मीदवार शामिल हुए, जबकि 359उम्मीदवारों को 10प्रतिशत से ज्यादा प्रश्नों का कोई विकल्प नहीं चुनने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया।
दोनों पेपरों में अलग-अलग न्यूनतम अंक जरूरी
RPSC की इस परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर 200अंकों का है, जिसमें कम से कम 80अंक (40प्रतिशत) लाना अनिवार्य है। दूसरा पेपर 300अंकों का है, जिसमें न्यूनतम 120अंक आवश्यक हैं। दोनों पेपरों में अलग-अलग 40प्रतिशत अंक हासिल न करने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य माना जाता है। परीक्षा 9सितंबर 2025को राजस्थान के 25जिला मुख्यालयों पर आयोजित की गई थी।
RPSC के अधिकारियों के अनुसार, विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि दोनों पेपरों में अलग-अलग न्यूनतम अंक जरूरी हैं। इस कठोर मानदंड के कारण कई योग्य दिखने वाले उम्मीदवार भी बाहर हो गए। साइंस जैसे अहम विषय में इतनी कम सफलता दर से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
आरक्षित वर्गों में शून्य चयन
परिणाम में आरक्षित श्रेणियों की स्थिति और भी चिंताजनक है। अनुसूचित जनजाति (ST) सामान्य, महिलाएं, विधवाएं; अनुसूचित जाति (SC) महिलाएं और विधवाएं; दिव्यांगजन और पूर्व सैनिकों जैसी कई श्रेणियों में एक भी उम्मीदवार चयनित नहीं हुआ। इससे इन पदों के खाली रहने की आशंका बढ़ गई है। सामान्य श्रेणी में कट-ऑफ अंक नॉन-शेड्यूल्ड एरिया के लिए 231.77और शेड्यूल्ड एरिया के लिए 202.41रहे, जबकि ST-SC श्रेणियों में भी कई जगह कट-ऑफ एनए (नॉट एप्लीकेबल) दिखाया गया है।
इस परिणाम से युवाओं में निराशा फैल गई है। सोशल मीडिया पर कई उम्मीदवारों ने न्यूनतम अंक की नीति की समीक्षा की मांग की है। हालांकि, RPSC का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप है। सफल उम्मीदवारों को अब दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा, जिसकी तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी।
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