Delhi News: साइबर ठगी के गैंग का भंडाफोड़, 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी के आरोपी गिरफ्तार
Crime Branch Arrest Cyber Criminal: दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने डिजिटल अरेस्ट नामक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों अनिश सिंह और मणि सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर डराते थे और मानसिक दबाव बनाकर उनसे मोटी ठग लेते थे।
जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के खातों से जुड़ीं 190 से ज्यादा एनसीआरपी शिकायतें और एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें करीब ₹100 करोड़ से अधिक की ठगी का पैसा ट्रांसफर किया गया है।
पीड़िता को अधिकारी बनकर डराया
बता दें कि पीड़िता घर का कामकाज देखती हैं, जिनका बेटा इंजीनियर है। 15 अक्टूबर 2025 से 12दिसंबर 2025 के बीच आरोपी ने उन्हें खुद को मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी बताकर कॉल किया और बताया कि उनके आधार कार्ड से अपराध किया गया है। इसके बाद एक महिला फर्जी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर जुड़ी और पीड़िता को फर्जी एफआईआर और गिरफ्तारी वारंट दिखाए। आरोपियों ने पीड़िता को बताया कि उनके पति और बेटे को भी जेल भेज दिया जाएगा। इस दौरान पीड़िता को मानसिक रूप से इतना डराया गया कि उन्होंने अपनी जीवनभर की बचत 40 लाख आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दी। ठगों ने पैसे लेने के बाद पीड़िता को कहा कि वेरिफिकेशन होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा।
कैसे हुआ मामले का खुलासा
बता दें कि मामले की जांच इंस्पेक्टर संदीप सिंह (साइबर सेल) को सौंपी गई। तकनीकी जांच में हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार ने कई फर्जी बैंक खातों और यूपीआई आईडी का नेटवर्क ट्रेस किया। जांच में खुलासा हुआ कि वृंदाकार्ट स्काईलाइन शॉपर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के खाते में पैसे भेजे गए, जिसके डायरेक्टर अनिश सिंह और मणि सिंह हैं। कंपनी के नाम पर 8 अलग-अलग बैंक खाते खुलवाकर रकम घुमाई जा रही थी। एनसीपीआर पोर्टल के मुताबिक, इस अकाउंट से जुड़े मामलों में अब तक ₹100 करोड़ से ज्यादा की ठगी सामने आ चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के केस में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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