लोकसभा में बजट पर हुई तीखी बहस, निर्मला सीतारमण ने किया राहुल गांधी पर पलटवार
Arliament Budget Session: लोकसभा में बजट पर चर्चा का दो दिन तक दौर चला, जिसमें विपक्ष ने केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका जवाब दिया। बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ नई टैरिफ डील, चीन के संबंध और एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह डील देश के हितों के लिए नुकसानदेह और होलसेल सरेंडर जैसी है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में वैश्विक बदलाव, एआई के बढ़ते प्रभाव और दुनिया की अनिश्चितता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एआई के युग में भारत के 140 करोड़ नागरिकों के सामने नया चैलेंज है और डॉलर व एनर्जी का हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है और डेटा सुरक्षा पर कोई स्पष्ट नीति नहीं दी गई।
वित्त मंत्री ने दिया जवाब
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब में कहा कि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन पर है। उन्होंने बताया कि सेस किसी विशेष उद्देश्य के लिए कलेक्ट किए जाते हैं और उनका पूरा पैसा राज्यों को ही दिया जाता है। उन्होंने बजट डॉक्यूमेंट में नए रेसिट फॉर्मेट और Annex C के जरिए खर्च का और अधिक स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराने की बात कही।
डेब्ट टू जीडीपी रेश्यो नया नहीं- सीतारमण
सीतारमण ने कहा कि डेब्ट टू जीडीपी रेश्यो नया नहीं है, यह पहले से ही शामिल है। उन्होंने युवाओं और रोजगार के अवसरों पर जोर देते हुए कहा कि इस साल पांच रीजनल मेडिकल हब, 20 हजार से अधिक ग्रामीण रोजगार, 10 हजार प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड और महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए रोजगार के मौके दिए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने शी मार्ट और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया।
लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान हंगामे के बीच कांग्रेस के कई सदस्य वॉकआउट भी हुए। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना और युवाओं, महिलाओं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अवसर पैदा करना है।
Leave a Reply