Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिए परीक्षा और जीवन के मंत्र, तनाव से निपटने के दिए टिप्स
Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन के दौरान छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरे देश के छात्र 2047 के लिए विजन रखते हैं। अगर हम एक विकसित देश बनना चाहते हैं, तो हमें अपनी आदतों को इसके साथ जोड़ना होगा। पीएम मोदी ने कहा, "स्टार्टअप के लिए 25 साल की उम्र ज़रूरी नहीं है, इसे कभी भी शुरू किया जा सकता है। स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से संपर्क करना चाहिए और समझना चाहिए कि वे कैसे काम करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि जीवन में अनुशासन बहुत अनिवार्य है। ये inspiration में सोने पर सुहागा का काम करता है। अगर discipline ही नहीं है, तो कितना ही inspiration हो, वो बोझ बन जाता है, निराशा पैदा करता है। अनुशासन और Motivation ये दोनों ही जीवन में महत्वपूर्ण हैं। अगर अनुशासन ही नहीं है, तो कितना भी insipiration हो, वो किसी काम नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि हर युग में जब भी कोई नई टेक्नोलॉजी आती है, तो चर्चा होती है। हमें किसी चीज से डरना नहीं चाहिए। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम उसके गुलाम नहीं बनेंगे। जैसे मोबाइल आजकल कुछ बच्चों का मालिक बन गया है, अगर मोबाइल नहीं है, तो खाना नहीं खा सकता, टीवी नहीं है, तो वो जी नहीं सकता। मतलब आप उसके गुलाम बन गए। मैं गुलाम नहीं बनूंगा, एक बार मन में ये पक्का कर लीजिए।
पीएम मोदी ने कहा कि कोयंबटूर के हमारे युवा साथी पढ़ाई के साथ-साथ AI, स्टार्टअप और भविष्य की तकनीक को लेकर बहुत जागरूक हैं। और मैं कह सकता हूं कि यही तो है युवा भारत की युवा सोच जो विकसित भारत 2047 के संकल्प को नीत नई मजबूती दे रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की जीवन में भी जरूरत है और सामाजिक जीवन में भी जरूरत है। इसको underestimate नहीं करना चाहिए। ये गलती कभी मत करना कि खेल में मैं बहुत अच्छा हूं, इसलिए मुझे पढ़ने की जरूरत नहीं है। लेकिन, शिक्षा ही सबकुछ कर लेगी ऐसा नहीं है। आपमें जो भी हुनर है, उसे develop करना चाहिए। खिलाड़ी बनने के लिए खेलें, वो लग विषय है। लेकिन, जिंदगी में खेल होना भी जरूरी है। जिंदगी खेल होने से बचाना है, तो जिंदगी में खेल होना चाहिए। खेलना भी है और पढ़ना भी है।
हमारे युवा मित्रों के मन में लगातार चल रही है- पीएम मोदी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा सिर्फ बोर्ड एग्जाम की तैयारियों से जुड़ी हुई नहीं है। मैं जब आपके सवाल सुनता हूं, तो स्वाभाविक है कि मेरे मन को भी वो छूते हैं। मैं अंदाजा लगाता हूं कि जीवन के कई पहलुओं से जुड़ी हुई बातें हमारे युवा मित्रों के मन में लगातार चल रही है।
दुनिया
देश
कार्यक्रम
राजनीति
खेल
मनोरंजन
व्यवसाय
यात्रा
गैजेट
जुर्म
स्पेशल
मूवी मसाला
स्वास्थ्य
शिक्षा
शिकायत निवारण
Most Popular
Leave a Reply