Haryana News: करनाल में मिसाल बनी शादी, दूल्हे ने दहेज के लौटाए 6 लाख रुपये
Haryana News: हरियाणा में शादियों की अक्सर भव्यता और अनोखे किस्सों की चर्चा होती रहती है, लेकिन इस बार करनाल जिले में हुई एक शादी ने समाज को नई सीख दी है। यहां पर दूल्हे ने शादी के दौरान दहेज में मिले 6 लाख रुपये लौटाकर एक मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। यह मामला करनाल के घरौंडा इलाके का है, जहां गुरुवार रात रेलवे रोड स्थित अग्रसेन भवन में शादी का आयोजन हुआ।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सोना अर्जुनपुर गांव से बारात लेकर पहुंचे दूल्हे अंकित ने दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया। जब शादी के दौरान टीका और शगुन की रस्म निभाई जा रही थी, तब दुल्हन पक्ष की ओर से 6 लाख रुपये नकद दूल्हे को दिए गए।
लोग रह गए हैरान
रस्म के दौरान अंकित ने पहले टीका अपने माथे पर लगाया और फिर पूरी रकम तुरंत दुल्हन के परिजनों को वापस लौटा दी। इतना ही नहीं, 500 रुपये की गड्डी से उन्होंने केवल एक नोट निकाला और कहा कि वही उनके लिए दहेज है। दूल्हे के इस कदम से वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए और तालियों से उनका स्वागत किया।
विधि-विधान के साथ हुई शादी
इतना ही नहीं, दूल्हे के परिवार ने शादी में मिलने वाले गिफ्ट और फर्नीचर का सामान भी लेने से इनकार कर दिया और सब कुछ वापस कर दिया। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ शादी की बाकी रस्में पूरी की गईं। दूल्हे और उसके परिवार के इस फैसले से शादी समारोह में मौजूद लोग काफी प्रभावित नजर आए।
सामाजिक संदेश का उदाहरण बनी शादी
जानकारी के मुताबिक, दूल्हा अंकित पंचकूला में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि दुल्हन आरती पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से बिना दहेज के शादी करने का फैसला किया था। दुल्हन आरती घरौंडा की रहने वाली हैं और उनकी शादी सादगी और सामाजिक संदेश का उदाहरण बन गई है। अंकित ने कहा कि दहेज समाज की एक बुरी परंपरा है और इसे खत्म करने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए।
इस शादी के बाद इलाके में चर्चा है कि अगर हर युवा इस तरह की सोच अपनाए, तो दहेज जैसी कुप्रथा अपने आप खत्म हो सकती है। करनाल की यह शादी न सिर्फ यादगार बनी, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी छोड़ गई।
दुनिया
देश
कार्यक्रम
राजनीति
खेल
मनोरंजन
व्यवसाय
यात्रा
गैजेट
जुर्म
स्पेशल
मूवी मसाला
स्वास्थ्य
शिक्षा
शिकायत निवारण
Most Popular
Leave a Reply