परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़ी दुनिया! अमेरिका-रूस के बीच खत्म होने जा रही न्यूक्लियर डील
America-Russia Deal: दुनिया एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर खड़ी हो गई है। अमेरिका और रूस के बीच आखिरी बची परमाणु हथियार नियंत्रण संधि न्यू स्टार्ट खत्म होने जा रहा है। अगर आखिरी समय पर अमेरिका और रूस के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तब ऐसा पहली बार होगा जब दो परमाणु शक्ति पर किसी तरह की कानूनी रोक नहीं रहेगी।
1962 के क्यूबा मिसाइल संकट के बाद से दुनिया ने कई हथियार नियंत्रण समझौते देखे। जिसका मकसद परमाणु युद्ध के खतरे को खत्म करना था। उस दौर को जानकार दुनिया का सबसे खतरनाक समय मानते हैं।
अमेरिकी और रूस से अपील
संधि खत्म होने से पहले हालात की गंभीरता को देखते हुए पोप लिया ने भी अमेरिका और रूस से अपील की है। उन्होंने कहा कि समझौता को टूटने से बचाना चाहिए। डर और अविश्वास छोड़कर साझा भलाई की सोच अपनाने की जरूरत है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है। पिछले महीने उन्होंने कहा था कि अगर न्यू स्टार्ट खत्म होता है, तो वह इससे बेहतर समझौता करेंगे। हालांकि, रूसी अधिकारियों का कहना है कि पुतिन के प्रस्ताव पर अमेरिका की तरफ कोई जवाब नहीं आया है।
परमाणु वॉरहेड्स की संख्या
आंकड़ों पर गौर करे को 1986 में दुनिया में 70 हजार से ज्यादा परमाणु वॉरहेड्स थे, जो 2025 तक घटकर 12 हजार रह गए हैं। इसके बावजूद अमेरिका और रूस अपने हथियारों को अपग्रेड कर रहे हैं। चीन ने पिछले दशक में अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को दोगुना किया है। यही कारण है कि न्यू स्टार्ट के खत्म होने को सिर्फ अमेरिका-रूस का मामला नहीं माना जा रहा है। चीन के बढ़ते प्रभाव के चलते यह एक नई वैश्विक परमाणु हथियारों की रेस की शुरुआत भी हो सकती है।
दुनिया
देश
कार्यक्रम
राजनीति
खेल
मनोरंजन
व्यवसाय
यात्रा
गैजेट
जुर्म
स्पेशल
मूवी मसाला
स्वास्थ्य
शिक्षा
शिकायत निवारण
Most Popular
Leave a Reply