महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना हरियाणा का ये गांव, पंचायत ने बेटियों को सम्मान देने के लिए उठाया बड़ा कदम
Haryana news: हरियाणा के अंबाला का गांव गनी खेड़ा आज कल सुर्खियों में बना है और हो भी क्यों न यहां की ग्राम पंचायत ने एक ऐसा कदम उठाया जो कभी किसी ने सोचा भी नहीं था। गनी खेड़ा एक ऐसा गांव जहां पर लड़कियों और बहुओं के नाम की नेम प्लेट घर के बाहर लगाई गई है। आज हमारी टीम ने उस गांव का दौरा किया तो पता चला कि इस गांव के लोगों में बेटियों और बहुओं के प्रति की आदर सम्मान है। ये कहना भी शायद गलत नहीं होगा कि देश का शायद पहला ऐसा गांव हो जहां पर पढ़ी लिखी (ग्रेजुएट) लड़कियों और बहुओं के नाम की नेम प्लेट घर के बाहर लगी हो।
जब इसी बारे में गांव के सरपंच परवीन धीमान से बात की और पूछा कि जिन घरों के बाहर लड़कियों के नाम की नेम प्लेट नहीं लगी है क्या उनके घर के बाहर भी नेम प्लेट लगाने की सोची है तो उन्होंने कहा कि जैसे ही उनकी ग्रैजुएशन पूरी होगी। तो उनके घर के बाहर भी उनके नाम की नेम प्लेट लगा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बच्चियां ऐसी होती है जो 12कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ देती है। तो उनको एक प्रेरणा मिली है कि वो भी कम से कम ग्रेजुएशन तो जरूर करेंगी ताकि हमारे नाम की नेम प्लेट हमारे घर के बाहर लगे। उन्होंने कहा कि हमारा गांव शहर से बहुत दूर है इसी लिए कईं बच्चियां पढ़ाई छोड़ दिया करती थी जिनको अब प्रेरणा मिलेगी वो अपनी ग्रेजुएशन पूरी करें। वहीं सरपंच गांव की बेटियां के लिए हर समस्या को हल करने की बात कर रहे है।
वहीं गांव की बहु बेटियां पंचायत के इस कदम से काफी खुश है और अपने आप पर गर्व महसूस कर रही है। उनका कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि घर के बाहर बहु बेटियां के नाम की नेम प्लेट लगी है। उन्होंने कहा कि आज से पहले हमने न कभी ये सुना था और न ही देखा था। उन्होंने पंचायत के इस कदम को सराहनीय बताया। वहीं गांव खेड़ा गनी में शादी करके आई बहु ने बताया कि किसी भी फील्ड में समाज में लड़कियों पीछे नहीं रही है किसी भी कारण से पढ़ाई नहीं छोड़नी चाहिए क्योंकि एक अच्छे समाज का निर्माण आप तभी कर सकते है जब आप पढ़े लिखे हो। अपने परिवार और समाज का सुधार तभी कर पाएंगी अगर वो शिक्षित होंगी । बता दें कि ये वो बहु थी जिसने अपने ससुराल में आकर अपनी पढ़ाई की। उन्होंने अपने ससुराल वालों का इसके लिए धन्यवाद भी किया साथ ही यहां के सरपंच का भी धन्यवाद किया जिन्होंने इस तरह का कदम उठाया कि बहू बेटियों का सम्मान हो।
लड़कियों से पीछे हैं लड़के
वहीं गांव में आई एक और पढ़ी लिखी बहु ने बताया कि पढ़ाई करना कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस गांव के लड़के पढ़ने लिखने में लड़कियों से बहुत पीछे है। उन्होंने कहा कि जो लड़के बाहर विदेश में जा रहे है उनके लिए भी पढ़ाई लिखाई बहुत जरूरी है क्योंकि अगर पढ़ाई लिखाई नहीं करेंगे तो विदेश में भी लेबर का काम ही करना पड़ेगा और अगर पढ़ लिखकते है तो यहां पर भी अच्छी नौकरी मिल सकती है उन्हें विदेश जाने की जरूरत नहीं है। वहीं कुछ ऐसी महिलाएं भी है जिनके बच्चे अभी पढ़ रहे है उनका भी कहना है कि इससे हमारे बच्चों को भी प्रेरणा मिली है कि वो भी अच्छे से पढ़ाई करें ताकि उनके नाम की नेम प्लेट घर के बाहर लगे । वो बच्चों के मां बाप भी अपनी बेटियों को खूब पढ़ाना चाहते हैं ताकि एक दिन उनके बच्चों के नेम प्लेट भी घर के बाहर लगे और वो भी गर्व महसूस कर सके। अकसर देखा जाता है कि घर के बाहर घर के मुखिया के नेम प्लेट लगाई जाती है। लेकिन ग्राम पंचायत खेड़ा गनी ने ये ऐतिहासिक कदम उठाकर उस परंपरा को ही बदल दिया।
पंचातय ने दिया बहु-बेटियों को सम्मान
एक फ़ैसला भारत सरकार ने लिया था जिसमें नारा दिया गया था बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और एक कदम ग्राम पंचायत खेड़ा गनी ने भी उठाया बहु-बेटियों को सम्मान देने का। आज खेड़ा गनी की बहु बेटियां अपने ऊपर गर्व महसूस कर रही है। वो कदम दूर नहीं जिस दिन इस गांव से प्रेरणा लेकर दूसरे गांव भी ये कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे और भारत सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे को साकार करेंगे।
दुनिया
देश
कार्यक्रम
राजनीति
खेल
मनोरंजन
व्यवसाय
यात्रा
गैजेट
जुर्म
स्पेशल
मूवी मसाला
स्वास्थ्य
शिक्षा
शिकायत निवारण
Most Popular
Leave a Reply