दिल्ली की सड़कों पर अब सिर्फ EV, नहीं बिकेंगे पेट्रोल-डीजल दोपहिया वाहन; इलेक्ट्रिक पर सरकार देगी सब्सिडी
Delhi EV Policy 2.0: दिल्ली सरकार सोमवार, 15 अप्रैल को नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (EV 2.0) का ऐलान कर सकती है। इस पॉलिसी के तहत 15 अगस्त 2026 के बाद राजधानी में पेट्रोल और CNG से चलने वाले दोपहिया वाहनों की बिक्री बंद हो सकती है।पॉलिसी में यह भी प्रस्ताव है कि 15 अगस्त 2025 से दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले नए थ्री-व्हीलर रजिस्टर नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा 10 साल से पुराने CNG ऑटो को इलेक्ट्रिक में बदलना जरूरी होगा।
खबरों के मुताबिक, EV 2.0लागू होने के बाद एक व्यक्ति के नाम दो पेट्रोल या डीजल कारें होने पर तीसरी गाड़ी केवल इलेक्ट्रिक ही रजिस्टर्ड होगी। वहीं, दिसंबर 2027तक MCD, NDMC और जल बोर्ड के सभी वाहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को किया जाएगा मजबूत
पॉलिसी के तहत दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अभी दिल्ली में 1,919चार्जिंग स्टेशन, 2,452प्वाइंट और 232स्वैपिंग सेंटर हैं। सरकार 13,200सार्वजनिक चार्जिंग प्वाइंट लगाने की योजना बना रही है, जिससे हर 5किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग सुविधा मिल सके।
महिलाओं को दोपहिया EV पर विशेष सब्सिडी
इस पॉलिसी के तहत पहली 10,000महिलाओं को दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ₹36,000तक की सब्सिडी मिलेगी। इसके बाद भी 2030तक महिलाओं को ₹30,000की सब्सिडी मिलती रहेगी।
कार, ऑटो और कमर्शियल वाहनों पर भी सब्सिडी का फायदा
नए इलेक्ट्रिक ऑटो (L5M कैटेगरी) पर ₹45,000तक की सब्सिडी दी जा सकती है। चार पहिया कमर्शियल EV पर ₹75,000और निजी कार (20लाख तक की कीमत वाली) पर ₹1.5लाख तक की सब्सिडी मिलेगी।
2027तक 95%नई गाड़ियां इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य
अगर कोई अपनी 12साल से कम पुरानी पेट्रोल या डीजल टू-व्हीलर स्क्रैप करता है, तो EV खरीद पर ₹10,000अतिरिक्त दिए जाएंगे। पॉलिसी का लक्ष्य है कि 2027तक दिल्ली में 95%नई रजिस्टर्ड गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों और 2030तक यह आंकड़ा 98%हो जाए।
यह EV 2.0पॉलिसी 31मार्च 2030तक लागू रहेगी और दिल्ली को इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में अग्रणी शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगी।
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