Bengal Election: बंगाल में फॉर्म-6 को लेकर क्यों मची रार, चुनाव आयोग और ममता बनर्जी में तकरार
Chaos Over Form-6: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वोटिंग के दिन नजदीक आने लगे हैं। साथ ही चुनाव प्रचार भी तेज हो गया है। लेकिन, उससे पहले फॉर्म-6 को लेकर रार मची हुई है। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने 31 मार्च को चुनाव आयोग के ऑफिस के सामने हंगामा किया था। भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हो गई थी।
दरअसल, कल मेदिनीपुर में एक शख्स बैग लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफिस पहुंचा था। टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने शक जताया था कि बैग में फॉर्म-6 है, जिसके जरिए टीएमसी समर्थकों का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। जिसके बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने शख्स को रोक दिया और कपड़े फाड़ दिए।
भाजपा का टीएमसी पर निशाना
इस पर भाजपा का कहना है कि जो शख्स मेदिनीपुर से बैग लेकर आया था, उसका भाजपा से कोई संबंध नहीं है। वो आम नागरिक था जो अपने काम से आया था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीएमसी पर गुंडागर्दी का आरोप लगाकर सीईओ ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए तो टीएमसी समर्थकों ने भी फॉर्म-6 को लेकर प्रदर्शन किया।
फॉर्म-6 को लेकर टेंशन में टीएमसी
दरअसल, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोट चोरी की कोशिश का आरोप लगाया है। तब से ही टीएमसी के कार्यकर्ता इसको लेकर आक्रमक है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म-6 के जरिए बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि हजारों की संख्या में ऐसे फॉर्म जमा किए गए हैं, जो राज्य के असली वोटर से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने इस पूरे मामले का वीडियो भी शेयर किया और चुनाव आयोग से सवाल किया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?
हालांकि, मुख्य चुनाव अधिकारी पहले भी ये साफ कर चुके हैं कि उनके ऑफिस में किसी भी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने के लिए कोई सॉफ्टवेयर नहीं है। फॉर्म-6 पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने या किसी मतदाता को एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में ट्रांसफर करने के लिए भरा जाता है।
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