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UPSC परिणाम में नाम को लेकर फंसा पेंच ...113वीं रैंक पर दो 'शिखा' ने किया दावा

UPSC परिणाम में नाम को लेकर फंसा पेंच ...113वीं रैंक पर दो 'शिखा' ने किया दावा

UPSC Result 2025 Decleared: यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025का परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिणाम आने के बाद रैंक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एआईआर 301के बाद अब 113वीं रैंक को लेकर घमासान मचा हुआ है। इस रैंक पर दो अभ्यर्थियों ने दावा ठोक दिया है। 

113वीं रैंक पर पहले बुलंदशहर की शिखा ने दावा किया था। अब अब दिल्ली की रहने वाली एक और शिखा ने 113वीं  रैंक को अपना बताया है। जिसके बाद सोशल मीडिया बहस तेज हो गई है कि आखिर 113वीं रैंक सही मायने में किसका है।

113वीं रैंक पर दो 'शिखा' का दावा

दरअसल, यूपीएससी परीक्षा परिणाम आने के बाद बुलंदशहर में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी, जब यह खबर सामने आई कि एक चपरासी की बेटी शिखा ने ऑल इंडिया रैंक 113 हासिल की है। जिसके बाद परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने इसे शहर के लिए बड़ी उपलब्धि मानते हुए जश्न मनाया था। इसी बीच दिल्ली की रहने वाली अन्य शिखा ने 113वीं रैंक को अपना बताया है। सोशल मीडिया पर उनके इंटरव्यू कॉल लेटर और रोल नंबर वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने एआईआर 113वीं रैंक हासिल की है।

आधिकारिक पुष्टी अभी नहीं

बताया जा रहा है कि दिल्ली की रहने वाली शिखा हरियाणा में बीडीओ के पद पर तैनात है। फिलहाल ये विवाद सामने आने के बाद संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। आयोग की ओर से पुष्टी होने के बाद ही ये साफ होगा कि 113वीं रैंक पर किसका चयन हुआ है। इससे पहले 301वीं रैंक को लेकर दो उम्मीदवार ने अपनी दावेदारी पेश की थी। दोनों का नाम आकांक्षा सिंह है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा ने 301रैंक हासिल किया है।

प्रशासन की जांच में क्या निकला 
 
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए बुलंदशहर के जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए और एसडीएस दिनेश चंद्र से मामले की रिपोर्ट मांगी। जिसके बाद एसडीएम ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को शिखा गौतम के घर भेजकर दस्तावेजों की जांच कराई। तहसीलदार द्वारा डॉक्यूमेंट्स की जांच में शिखा गौतम का दावा गलत निकला। एसडीएम के अनुसार, शिखा गौतम और उनके परिवार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।   

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