अखनूर सेक्टर में पाकिस्तानी फायरिंग, भारतीय एयर फोर्स का ड्रोन सुरक्षित वापस
India Pakistan Border Tension: अखनूर सेक्टर में मंगलवार रात भारतीय वायु सेना के रिमोटली पायलट एयरक्राफ्ट (RPA) पर पाकिस्तानी सैनिकों ने फायरिंग की, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ और ड्रोन सुरक्षित बेस पर लौट आया। जानकारी के अनुसार, RPA उस समय ऑपरेशन मिशन पर था जब रात लगभग 9 बजे पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित Kheri पोस्ट ने ड्रोन पर चार राउंड फायर किए, जबकि Aslam पोस्ट ने एक राउंड दागा। ड्रोन Old Kana Chak और Garkhal बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उड़ान भर रहा था।
RPA पर कोई नुकसान नहीं
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि RPA पर कोई नुकसान नहीं हुआ और ये सुरक्षित रूप से बेस पर लौट आया। उन्होंने कहा कि यह मिशन पूरी तरह से नियोजित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, यह RPA सीमा पर निगरानी और गश्त के दौरान तैनात था। ड्रोन का मुख्य उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना और वास्तविक समय में डेटा इकठ्ठा करना था। पाकिस्तान की फायरिंग से RPA को कोई हानि नहीं हुई, जो भारतीय सुरक्षा बलों की तत्परता और ड्रोन की मजबूती को दर्शाता है।
उकसावे की घटनाएं होती रहती हैं
अखनूर सेक्टर जम्मू-कश्मीर के महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में से एक है और यहां समय-समय पर सीमा पार से उकसावे की घटनाएं होती रहती हैं। इस बार भी ड्रोन के ऑपरेशनल मिशन के दौरान पाकिस्तान की गोलीबारी हुई, लेकिन भारतीय बलों की सतर्कता और ड्रोन की तकनीकी सुरक्षा के कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
क्या कहते हैं सैन्य विशेषज्ञ?
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सीमाओं पर निगरानी और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी उपकरण हैं। वे न केवल संदिग्ध गतिविधियों को समय पर पकड़ते हैं, बल्कि सीमा सुरक्षा बलों को रणनीतिक निर्णय लेने में मदद भी करते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय वायु सेना सीमाओं पर सतर्क और पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा उपाय लगातार मजबूत किए जा रहे हैं और ऐसे किसी भी उकसावे का तुरंत जवाब दिया जाएगा।
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