मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद हिंदुओं का पलायन, CM योगी ने उठाए ममता सरकार पर सवाल
Murshidabad Violence: वक्फ विधेयक 2024में संशोधन के बाद इसे देश में लागू किया जा चुका है। इस विधेयक को पहले दोनों सदनों से पास कराया गया, फिर इसे राष्ट्रपति से मंजूरी मिली थी। जिसके बाद इसे देश में लागू किया गया। वक्फ कानून लागू होते ही एक जहां कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों में खुशी का माहौल है। तो वहीं दूसरी और वक्फ कानून को लेकर विरोध अभी भी जारी है। वक्फ कानून को लेकर चल रहे विरोध में सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की हो रही है।
दरअसल, वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ बंगाल के मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में विरोध के दौरान हिंसा देखे गई है। आलम ये है कि हिंसा के बाद वहां से हिंदुओं का पलायन शुरू हो गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बंगाल के मुर्शिदाबाद में लोग इतना मजबूर हो गए हैं कि उन्हें मुर्शिदाबाद छोड़ना पड़ रहा है। क्या बंगाल की ममता सरकार हाथ पर हाथ धर कर बैठी है।
मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद शुरू हुआ हिंदुओं का पलायन
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन एक्ट के खिलाफ हाल ही में प्रदर्शन हुए थे। इस प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। हिंसा के बाद उत्तर बंगाल के कई इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, हिंसा के बाद अब तक 3लोगों की मौत की पुष्ठि हो चुकी है। वहीं, मुर्शिदाबाद में भड़की हिंसा पर बंगाल ही ने बल्कि देश में राजनीति गरमाई हुई है। हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान भी सामने आया है। जिसमें वो ममता सरकार को घेरते हुए नजर आ रहे हैं।
मुर्शिदाबाद हिंसा पर CM योगी का बयान
हिंसा के मामले में पुलिस ने 150से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में हिंदुओं की सुरक्षा खतरे में है। पार्टी का कहना है कि हिंसा के डर से हिंदू समुदाय के लोग अपने घर छोड़कर पलायन को मजबूर हो रहे हैं। बीजेपी नेताओं ने इसे ममता सरकार की "तुष्टिकरण की नीति" का परिणाम बताया है। इसके अलावा राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। यही नहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि हिंसा के बाद 400से अधिक हिंदू परिवारों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।
मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर किए कई दावे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा के दौरान करीब 200हिंदू घरों को जलाए जाने का दावा किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि हिंसा के दौरान गैस सिलिंडर खोलकर और पेट्रोल डालकर घरों को आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों ने बड़ी संख्या में घरों व दुकानों में लूटपाट और आगजनी की। कई तालाबों में उपद्रवियों के जहर मिलाने का भी आरोप है। जिससे बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं। इसके अलावा पान के बागानों में भी आगजनी का आरोप है। जिसके चलते लोगों का मुर्शिदाबाद से पलायन शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि अब तक करीब 500 हिंदू समाज के लोक भागीरथी नदी पर कर मालदा जिले में शरण ली है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "जो लोग समाज में नफरत फैला रहे हैं, वे असल में बंगाल की शांति और एकता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राज्य सरकार किसी भी कीमत पर दंगा फैलाने वालों को बख्शेंगी नहीं।" इधर, बढ़ते तनाव को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि शांति बहाल रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए। जिसके बाद प्रशासन ने हालात को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ इलाकों में अब भी तनाव बना हुआ है जिसको देखते हुए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।
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