UP News: आजम खान को बड़ा झटका, योगी सरकार ने जौहर ट्रस्ट से जमीन वापस लेने का किया फैसला
Azam Khan News: बेटे के दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सात साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद जेल में बंद वरिष्ठ सपा नेता आजम खान को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को CMयोगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जौहर ट्रस्ट से जमीन वापस लेने का फैसला लिया गया है। शिक्षा विभाग की यह 41181 वर्ग फीट जमीन जौहर ट्रस्ट को 100 रुपये सालाना किराये पर 30 साल की लीज पर दी गई थी।
कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग को जमीन वापस देने का प्रस्ताव पास हो गया है। जौहर ट्रस्ट को पट्टे पर जमीन देने का फैसला समाजवादी पार्टी के शासनकाल में लिया गया था। आजम पर नियमों का उल्लंघन कर जमीन कब्जाने का आरोप है। मंगलवार को योगी कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया को संबोधित करते हुए जमीन वापस लिये जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज हुई कैबिनेट बैठक में 21 में से 20 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है।
इधर, आजम खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में पत्नी और बेटे के साथ सात साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद आजम फिलहाल सलाखों के पीछे हैं। इधर, जौहर ट्रस्ट में अनियमितताओं को लेकर उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहीं आजम खान के मशहूर ठेकेदार फरहत अली से संबंधों को लेकर आयकर विभाग ने भी शिकंजा कस दिया है।
इनकम टैक्स को ऐसे तमाम खुलासे की उम्मीद है
फरहत अली खान और आजम खान के बीच क्या रिश्ता है, कितना लेनदेन या चंदा दिया गया है और आजम को कितने करोड़ के ठेके मिले हैं। इनकम टैक्स को ऐसे तमाम खुलासे की उम्मीद है। जिसका आधार फरहत के घर से बरामद डायरी, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और मोबाइल का विवरण होगा। आयकर अधिकारी दिल्ली के आईटी विशेषज्ञों से डाटा रिकवरी करा रहे हैं। मालूम हो कि जौहर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए जौहर ट्रस्ट को भारी दान दिया गया था।
इनकम टैक्स को शक है कि इस दान में टैक्स चोरी का बड़ा खेल हुआ है। इस मामले को लेकर आयकर अधिकारी कड़ियां जोड़ रहे हैं। इसी क्रम में सबसे पहले आजम खान के घर पर छापा मारा गया, जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा मारा गया और 27 अक्टूबर को आजम खान के करीबी ठेकेदारों के घर पर छापा मारा गया। इस दौरान गायत्रीपुरम निवासी बड़े ठेकेदार फरहत खान का नाम भी सामने आया।
जिस पर इनकम टैक्स की टीम ने उनसे घंटों पूछताछ की। आयकर अधिकारियों को 2084506 रुपये के आभूषण और 28 हजार रुपये की नकदी मिली थी, जिसे जांचने के बाद फरहत अली खान को सौंप दिया गया। हालांकि आयकर टीम को उसके यहां से दो डायरियां, एक पेन ड्राइव, एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। और एक हार्ड डिस्क ले ली। इनकम टैक्स को इससे बड़ा सुराग मिलने की उम्मीद है।
छापेमारी 34घंटे तक चली
रामपुर के ठेकेदारों के यहां इनकम टैक्स की छापेमारी करीब 34 घंटे तक चली। सूत्रों की मानें तो इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं। जिस पर आयकर अधिकारियों से सवाल जवाब किये गये। दरअसल, सपा सरकार के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के दौरान जौहर ट्रस्ट को दान दिया गया था। कई बड़े ठेकेदारों ने ट्रस्ट को भारी दान दिया था। ऐसे कई ठेकेदार हैं जिन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी में सिविल निर्माण कार्य किया। कुछ ऐसे भी ठेकेदार हैं, जिन्होंने सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक सड़क निर्माण का ठेका कहीं और लिया, लेकिन असल में सड़क निर्माण का काम जौहर यूनिवर्सिटी में किया गया। इसलिए ठेकेदार इनकम टैक्स के रडार पर आ गए हैं और छापेमारी की गई है।
16-17 को जमीन कब्जा मामले की सुनवाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान से जुड़े जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों से जमीन हड़पने के चार मामलों में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण के चार मामलों में सोमवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने अगली तारीख 16 और 17 नवंबर तय की है। मालूम हो कि आलियागंज के किसानों ने जमीन का बैनामा कराकर जबरन कब्जा करने के आरोप में सपा नेता आजम खां समेत कई लोगों के खिलाफ अजीमनगर थाने में 27 मुकदमे दर्ज कराए थे। ये सभी मामले विचाराधीन हैं। सोमवार को वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। उधर, यतीमखाना कॉलोनी को खाली कराने के चार मामलों की सुनवाई अब सात नवंबर को होगी।
फरहत ने कहा- हमारा रिकॉर्ड कायम है
ठेकेदार फरहत अली खान ने बताया कि आयकर अधिकारियों ने उनसे सवाल किया कि उन्होंने जौहर ट्रस्ट को कितना दान दिया है और विश्वविद्यालय में कितना काम कराया है। हमने कहा कि कोई चंदा नहीं दिया गया। सभी ठेके ऑनलाइन टेंडर के माध्यम से दिए जाते हैं। कुछ भी गलत नहीं हुआ है। जिस पर उन्होंने रिकार्ड खंगाले। चूंकि पुराना रिकार्ड खत्म हो गया है, इसलिए कुछ गायब हो गया होगा। लेकिन हमने कहा कि हमारा कोई भी काम हो सब नंबर वन है। हर चीज़ का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसके बाद आयकर टीम कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई है।
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