Delhi Air Pollution: सरकार ने प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए बनाया स्पेशल प्लान, इस दिन से होगा लागू
Delhi Air Pollution: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर से हालात खराब होते जा रहे हैं। अगर आप देश की राजधानी दिल्ली में हैं और किसी चौराहे या लाल बत्ती पर कोई आपको गुलाब का फूल देकर गाड़ी रोकने के लिए कहे तो चौंकिए मत। क्योंकि दिल्ली सरकार 26 अक्टूबर को रेड लाइट ऑन...कार ऑफ अभियान शुरू करने जा रही है। यह जानकारी दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने दी है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है। इसे लेकर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सरकार का मकसद है कि चौराहे पर लाल बत्ती होने पर गाड़ियां 60 से 90 सेकेंड तक रुकें। यदि उस दौरान वाहनों की बिजली बंद कर दी जाए तो प्रदूषण का स्तर निश्चित रूप से कम हो जाएगा। साथ ही ईंधन की भी बचत होगी।
दिल्ली में अभी से AQI 300 के पार
गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में ठंड बढ़ने और हवा की गति धीमी होने के कारण AQI 300 के पार पहुंच गया है। इसलिए CAQM की ओर से GRAP-2 लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लागू करने के लिए आज 28 संबंधित विभागों के साथ बैठक की गई और कुछ फैसले लिए गए हैं।
दिल्ली में पहले से ही प्रदूषण के 13 हॉट स्पॉट हैं, इनके अलावा आठ जगहें चिन्हित की गई हैं, जहां आज AQI 300 के पार पहुंच गया है; जैसे शादीपुर, ITO, पटपड़गंज आदि जगहों पर भी विशेष टीमें तैनात की जाएंगी। ये टीमें DPCCके साथ मिलकर प्रदूषण के स्थानीय कारणों का पता लगाएंगी। सभी डीसी को निर्देश दिया गया है कि वे 25 को सभी फील्ड में जाकर प्रदूषण गतिविधियों की जांच करेंगे।
प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जा रहे हैं ये कदम
दिल्ली में अब तक जो पानी का छिड़काव किया जा रहा था, अब उसमें धूल दबाने वाला पाउडर मिलाकर छिड़काव किया जाएगा। धूल विरोधी अभियान को अब और सख्त बनाया जाएगा। डीजी सेट चलाने की विशेष निगरानी होगी और नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जायेगी. रेलवे, बस स्टेशन, हवाई अड्डे, अस्पताल, दवा निर्माता कंपनियां आदि को इन प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी। उन्हें यह छूट सिर्फ 31 दिसंबर तक ही रहेगी।
31 भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहचान की गई है। हमने ट्रैफिक पुलिस को वहां यातायात सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।' इसमें मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और वेटिंग पीरियड कम करने को कहा गया है। जहां यह सात से आठ मिनट है वहां इसे घटाकर पांच से छह मिनट कर देना चाहिए और पांच से छह मिनट को घटाकर दो से तीन मिनट कर देना चाहिए। डीटीसी को पर्यावरण बस सेवा के रूप में बसों की आवृत्ति बढ़ाने और निजी बसों को किराए पर लेने के लिए कहा गया है।
गोपाल राय ने अधिकारियों पर उठाए सवाल
आज बैठक में सभी विभागों के सचिवों को बुलाया गया था लेकिन एक भी विभाग के सचिव शामिल नहीं हुए।शायद प्रदूषण अभी भी उनके लिए प्राथमिक मुद्दा नहीं बन पाया है। जो अधिकारी आये उनके पास कोई अपडेट नहीं था। मुख्य सचिव से अपील है कि अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने अधिकारियों पर उठाए सवाल। गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण से जुड़ी अहम बैठक से सभी प्रमुख अधिकारी गायब थे। बैठक में पर्यावरण विभाग के सचिव तो आये ही नहीं, प्रमंडलीय आयुक्त भी नहीं आये। एमसीडी कमिश्नर नहीं आये। मंडलायुक्त कार्यालय से दक्षिणी दिल्ली जिले के एक एसडीएम को भेजा गया। वे पूरी दिल्ली में कुछ कैसे लागू कर सकते हैं? जब तक वरिष्ठ अधिकारी निर्देश नहीं देंगे तब तक कोई भी बात कैसे लागू होगी?
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