OLA–Uber को टक्कर! सहकारी मॉडल पर Bharat Taxi की एंट्री, कई शहरों में शुरू हुआ ट्रायल
Bharat Taxi Trial Run:राइड-हेलिंग बाजार में तहलका मचाने आ गई है भारत टैक्सी - दुनिया की पहली राष्ट्रीय स्तर की ड्राइवर-स्वामित्व वाली मोबाइलिटी सर्विस। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के तहत लॉन्च हुई यह ऐप-बेस्ड कैब सर्विस ओला-उबर जैसी प्राइवेट कंपनियों की 'कमीशन की मनमानी' को चुनौती दे रही है। मंगलवार को दिल्ली में बीटा कंज्यूमर ट्रायल शुरू हो गया, जहां ग्राहक गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ऐप को डाउनलोड कर टेस्ट कर सकते हैं। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में भी ड्राइवरों के साथ सॉफ्ट लॉन्च हो चुका है। सिर्फ 10 दिनों में 51,000 से ज्यादा ड्राइवरों को ऑनबोर्ड करने वाली यह कोऑपरेटिव मॉडल न्यूयॉर्क की ड्राइवर कोऑपरेटिव (4,000 सदस्य) से भी बड़ी हो चुकी है।
दिल्ली एयरपोर्ट से शुरू हुआ ट्रायल
बता दें, ट्रायल की शुरुआत दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और चुनिंदा रेलवे स्टेशनों से हुई, जहां 650 से ज्यादा 'सारथी' (ड्राइवर) अपनी गाड़ियां चला रहे हैं। गुजरात के सौराष्ट्र में ड्राइवरों ने रीयल-टाइम सर्विस एक्टिवेट की है, और ग्राहकों से फीडबैक लिया जा रहा है। STCL के चेयरमैन जयेन मेहता ने कहा 'प्रतिक्रिया जबरदस्त है। बीटा ट्रायल से ग्लिचेस ठीक करेंगे और फुल रोलआउट के लिए तैयार होंगे।'
iOS वर्जन जल्द लॉन्च होगा। यह ट्रायल नवंबर से प्लान्ड था, लेकिन दिसंबर में तेजी आई। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक मेट्रो सिटीज़ में विस्तार और 2030 तक 1 लाख ड्राइवरों को जोड़ना है। दिल्ली मेट्रो के साथ इंटीग्रेशन से एक ही ऐप पर मल्टीमॉडल जर्नी (मेट्रो+कैब) बुकिंग संभव होगी।
सहकारी मॉडल का जादू
ओला-उबर की 20-25% कमीशन वाली व्यवस्था से तंग ड्राइवरों के लिए भारत टैक्सी वरदान है। यहां 100% फेयर ड्राइवर को जाता है – बस एक फिक्स्ड मेंबरशिप फीस (डेली/वीकली/मंथली) कटती है। कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं, पारदर्शी फिक्स्ड रेट। ड्राइवर शेयर होल्डर बनते हैं (₹100 प्रति शेयर, 5 शेयर अनिवार्य), जिससे उन्हें गवर्नेंस में वॉयस मिलती है।
सुरक्षा पर जोर, वेरिफाइड ऑनबोर्डिंग, 24/7 कस्टमर सपोर्ट, व्हीकल ट्रैकिंग और मल्टीलिंगुअल इंटरफेस। UMANG और DigiLocker से इंटीग्रेशन से बुकिंग आसान। अमूल, IFFCO, NABARD, NCDC जैसी 8 कोऑपरेटिव संस्थाओं ने ₹80 करोड़ का इनिशियल फंडिंग दिया है। यूनियन कोऑपरेशन मिनिस्टर अमित शाह ने कहा, "यह 'सहकार से समृद्धि' मिशन का हिस्सा है, जो ड्राइवरों को प्राइवेट कंपनियों की निर्भरता से मुक्त करेगा।"
ओला-उबर को देगा टक्कर
भारत का राइड-हेलिंग मार्केट 2028 तक $7.6 बिलियन का होगा, जहां ओला-उबर का दबदबा है। लेकिन भारत टैक्सी ड्राइवरों को ज्यादा कमाई (कमीशन-फ्री) और ग्राहकों को प्रेडिक्टेबल प्राइसिंग देगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मॉडल सस्टेनेबल है, क्योंकि प्रॉफिट ड्राइवरों में ही बंटेगा। शुरुआती 650 ड्राइवर दिल्ली में ही ओला-उबर को चैलेंज कर रहे हैं। फिलहाल, ऐप डाउनलोड कर ट्रायल जॉइन करें।
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