Soumya Vishwanathan Murder Case: 15 साल बाद पत्रकार सौम्या विश्वनाथन मर्डर केस पर आया फैसला, सभी 5 आरोपी दोषी करार
Soumya Vishwanathan Murder Case: 15 साल बाद पत्रकार सौम्या विश्वनाथन हत्याकांड मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं अब 26 अक्टूबर को इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से सजा पर बहस होगी। गौरतलब है कि साकेत कोर्ट ने 13 अक्टूबर को बचाव और अभियोजन पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पत्रकार की हत्या के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिसमें रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक, अजय कुमार और अजय सेठी शामिल हैं। मार्च 2009 से सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। साथ ही दिल्ली पुलिस ने सभी पर मकोका भी लगाया था।
पुलिस के अनुसार, आईटी पेशेवर जिगिशा घोष की हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी से विश्वनाथन हत्याकांड की गुत्थी सुलझी थी। 2019 में मलिक हाईकोर्ट से तुरंत सुनवाई की मांग की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत से इस बात पर रिपोर्ट मांगी कि आरोपपत्र दाखिल किये जाने के साढ़े नौ साल बाद भी सुनवाई क्यों नहीं पूरी हो पाई।
क्या था मामला
आज से 15 साल पहले 30 सितंबर 2008 को रात 3 बजे अपने ऑफिस से अपनी कार से वसंत कुंज में अपने घर के लिए निकलीं थीं। उसी वक्त ये पांचों आरोपी भी वहीं जा रहे थे। आरोपियों ने सौम्या के पीछे अपनी कार लगा दी। आरोपियों ने कई बार सौम्या को ओवरटेक कर रोकने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। जिसके बाद गुस्से में आकर रवि ने अपनी पिस्तौल से सौम्या पर फायर कर दिया। गोली एक ही चली, जो कार का शीशा तोड़कर सौम्या के सिर में जा लगी थी। जिसके बाद आरोपी फरार हो गए।
मर्डर मामला किया गया था दर्ज
सौम्या को गोली लगने के बाद उनकी कार बेकाबू होकर डिवाइडर और पोल से जा टकराई। शुरुआत में पुलिस को ये एक एक्सिडेंट का केस लगा, लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद खुलासा हुआ कि सौम्या की मौत सिर में गोली लगने से हुई थी और गोली नॉन स्टैंडर्ड फायर आर्म से चलाई गई थी। 30 सितंबर 2008 को वसंत कुंज थाने में 481 के तहत मर्डर का केस दर्ज किया गया।
6 महीने बाद सुलझी गुत्थी
पुलिस की तमाम कोशिश के बाद भी छह महीने तक इस वारदात की गुत्थी नहीं सुलझ पाई। फिर 17 मार्च 2009 को वसंत विहार से कॉलसेंटर की इग्जेक्युटिव जिगिषा घोष का अपहरण और मर्डर हो गया था। सौम्या की तरह वे भी रात में ऑफिस से अपने घर वापस आ रही थीं। जिगिषा का डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने के दौरान महिपालपुर में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के एटीएम बूथ के सीसीटीवी से एक मुलजिम बलजीत मलिक की फोटो पुलिस को मिल गई। बलजीत के बयान के बाद रवि कपूर को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान इन मुलजिमों से ही पुलिस को जानकारी मिली कि इन्होंने ही छह महीने पहले सौम्या का मर्डर किया था।
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