Maha Shivratri Vrat 2026: व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? चाय-कॉफी से जुड़े नियम भी जान लें
Maha Shivratri Vrat: आज 15फरवरी 2026को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त भगवान शिव की आराधना में लीन रहते हैं और व्रत रखकर रात्रि जागरण करते हैं। व्रत रखना इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कई लोग भ्रम में रहते हैं कि व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं। विशेष रूप से चाय और कॉफी को लेकर सवाल आम है। तो चलिए विस्तार से जानते से कि महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?
महाशिवरात्रि व्रत के प्रकार
व्रत मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:-
1. निर्जला व्रत:पूरे दिन कुछ भी नहीं खाते-पीते, पानी तक नहीं।
2. फलाहारी व्रत:फल, दूध, सूखे मेवे और कुछ सात्विक चीजें खा सकते हैं।
3. एक समय या आंशिक व्रत:दिन में एक बार सात्विक भोजन, बाकी समय फलाहार।
व्रत में क्या खा सकते हैं?
व्रत में सात्विक, हल्का और ताजा भोजन ही लिया जाता है।
1. ताजे फल:सेब, केला, पपीता, अनार, संतरा, अंगूर, अमरूद, नाशपाती, तरबूज, खरबूजा, नारियल, चीकू आदि। फल ताजा रखें, कटे हुए ज्यादा देर न रखें।
2. दूध और दूध से बनी चीजें:दूध, दही, छाछ, पनीर, मक्खन। ठंडाई या दूध से बनी मिठाई भी ले सकते हैं।
3. सूखे मेवे और नट्स:बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट, मूंगफली, मखाना (भुने या खीर में)।
4. व्रत विशेष अनाज:साबूदाना (खिचड़ी, खीर, वड़ा), समा चावल, कुट्टू आटा (पूड़ी, चीला), सिंघाड़ा आटा (हलवा, पूरी), राजगिरा आटा।
5. सब्जियां और अन्य:शकरकंद, आलू (व्रत वाली सब्जी), लौकी, कद्दू की सब्जी या हलवा, गाजर की खीर।
6. मीठा:गुड़, शहद, फल से बनी मिठाई।
7. नमक:केवल सेंधा नमक (सेंधा नमक) का इस्तेमाल।
8. पेय:पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, फ्रूट जूस, दूध।
व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
व्रत में तामसिक और राजसिक चीजें पूरी तरह वर्जित हैं:-
1. अनाज:गेहूं, चावल, दाल, मैदा, जौ आदि।
2. सामान्य नमक, हल्दी, मिर्च (काली मिर्च कुछ जगहों पर अनुमति, लेकिन सावधानी से)।
3. प्याज, लहसुन, अदरक (कच्चा या पका)।
4. मांसाहारी भोजन, अंडा, मछली।
5. शराब, तंबाकू, नशे वाली चीजें।
6. तले-भुने ज्यादा मसालेदार या प्रोसेस्ड फूड।
7. तेल (कुछ जगहों पर देसी घी अनुमति, लेकिन कम)।
क्या चाय या कॉफी पी सकते हैं?
निर्जला व्रत में कुछ भी नहीं, चाय-कॉफी भी नहीं।
फलाहारी या आंशिक व्रत में अधिकांश जगहों पर चाय और कॉफी पीने की अनुमति है, क्योंकि ये अनाज नहीं हैं और कई परिवारों में इन्हें व्रत में शामिल किया जाता है। बिना चीनी या गुड़ के साथ पी सकते हैं। हालांकि, कुछ सख्त मान्यताओं में चाय-कॉफी को कैफीन के कारण वर्जित माना जाता है, क्योंकि ये उत्तेजक हैं और मन को अशांत कर सकते हैं।
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