अमेरिकी ट्रैवल बैन के जवाब में इन देशों का पलटवार, अमेरिका के नागरिकों की एंट्री पर लगी रोक
US Travel Policy: माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों को अपने देशों में प्रवेश पर रोक लगाने का ऐलान किया है। ये फैसला अमेरिका द्वारा इन दोनों देशों को ट्रैवल बैन की सूची में शामिल किए जाने के बाद लिया गया है। दोनों पश्चिमी अफ्रीकी देशों ने साफ कहा है कि वे “परस्परता के सिद्धांत” के तहत वही कदम उठा रहे हैं, जो अमेरिका ने उनके नागरिकों के लिए उठाया है।
माली ने अमेरिका के फैसले पर जताई नाराजगी
बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामोको जीन-मैरी त्राओरे ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी फैसले के जवाब में समान कदम उठा रही है। वहीं, माली के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ये फैसला आपसी सम्मान और संप्रभु समानता के सिद्धांत पर आधारित है। माली ने अमेरिका के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इतना बड़ा फैसला बिना किसी पूर्व परामर्श के लिया गया जो निराशाजनक है।
ये फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले नाइजर की सरकारी समाचार एजेंसी ने दावा किया था कि नाइजर ने भी अमेरिकी नागरिकों पर ट्रैवल बैन लगाया है। हालांकि नाइजर के विदेश मंत्रालय की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बता दें कि माली, बुर्किना फासो और नाइजर-तीनों देशों में सैन्य शासन है, जो तख्तापलट के जरिए सत्ता में आए हैं। इन देशों ने मिलकर एक नया क्षेत्रीय संगठन बनाया है और पश्चिमी देशों के साथ तनाव बढ़ने के बाद रूस की ओर झुकाव दिखाया है।
व्हाइट हाउस ने की थी घोषणा
इस महीने की शुरुआत में व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर माली, बुर्किना फासो और नाइजर के साथ-साथ दक्षिण सूडान, सीरिया और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के पासपोर्ट धारकों पर पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह प्रतिबंध 1 जनवरी से लागू होगा। अमेरिका ने कहा कि ये कदम देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
कब तक लागू रहेगा प्रतिबंध
इसके अलावा, अमेरिका ने लाओस और सिएरा लियोन को भी आंशिक प्रतिबंध से हटाकर पूर्ण प्रतिबंध की लिस्ट में डाल दिया है। वहीं नाइजीरिया, तंजानिया और जिम्बाब्वे सहित 15 अन्य देशों पर आंशिक पाबंदियां लगाई गई हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, ये प्रतिबंध तब तक लागू रहेंगे, जब तक संबंधित देश पहचान प्रबंधन, सूचना शेयर करने और अमेरिकी आव्रजन एजेंसियों के साथ सहयोग में ठोस सुधार नहीं दिखाते। हालांकि, इस बैन में कुछ छूट भी दी गई हैं। ये प्रतिबंध स्थायी निवासियों, पहले से वैध वीजा धारकों, राजनयिकों और बड़े खेल आयोजनों में शामिल खिलाड़ियों पर लागू नहीं होगा। साथ ही, राष्ट्रीय हित में जरूरत पड़ने पर केस-दर-केस छूट भी दी जा सकेगी।
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