मणिपुर में नहीं थम रही हिंसा! पिछले 3 दिनों में हुई 9 लोगों की मौत
Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मणिपुर के चुराचांदपुर-बिष्णुपुर सीमा पर 3दिनों से हिंसा जारी है। कुकी और मैतेई समुदाय के लोगों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। खबर है कि इन 3 दिनों में 9 लोगों की मौत हो गई है। अकेले 31 अगस्त को 6 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में 41 साल के गीतकार एलएस मंगाबोई भी शामिल हैं। बम विस्फोट में उनका सिर फट गया। वह स्थानीय स्तर पर बहुत लोकप्रिय थे और उन्होंने हिंसा पर प्रसिद्ध गीत 'आई गम हिलो हैम' लिखा था। हिंदी में मतलब- 'क्या ये हमारी ज़मीन नहीं है?'
यह झड़प 29 अगस्त की सुबह शुरू हुई थी। सीमा पर कुकी समुदाय के खोइरेंटक गांव पर बदमाशों ने हमला कर दिया था। जवाब में ग्रामीणों की ओर से भी भारी फायरिंग की गयी। धीरे-धीरे आसपास के इलाकों में भी हिंसा शुरू हो गई।
रुक-रुक इन इलाकों में हो रही है हिंसा
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नगांगखालवई, थम्नापोकपी, कांगथेई, खौसाबुंग और एल फेनोम इलाकों में गोलीबारी चल रही है। रक्षा सूत्र से पता चला है कि जरूरत के मुताबिक सुरक्षा बलों की तैनाती की कोशिश की जा रही है, लेकिन महिला कार्यकर्ता उन्हें रोक रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 अगस्त की शाम करीब 5.30 बजे फुबाला इलाके में फायरिंग तेज हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 अगस्त की सुबह कुकी समुदाय के 2 घायल लोगों की मौत हो गई। गीतकार के अलावा 36 साल के रिचर्ड हेमखोलिन गुइटे की भी जान चली गई। 30 अगस्त को गोलीबारी में दोनों घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें चुराचांदपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 31 अगस्त को चुराचांदपुर जिले में गोलीबारी में दो और लोग घायल हो गये। उनकी पहचान 45 वर्षीय पाओकम किपगेन और 32 वर्षीय पासोंडम के रूप में की गई है।
पुलिस ने बताया कि बिष्णुपुर में भी विस्फोटों में घायल होने से दो मैतेई लोगों की मौत हो गई। उनकी पहचान 50 वर्षीय पेबाम देबन और 48 वर्षीय मोइरांगथेम गोपेन के रूप में की गई। हिंसा के दौरान कई लोग घायल भी हुए हैं।
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