Parliament Security Breach: दोषियों के खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज, जानें क्या कहता है ये कानून
Parliament Security Breach: संसद भवन के अंदर और बाहर रंग-बिरंगे धुएं वाले पटाखे छोड़ने के बाद दिल्ली पुलिस समेत सभी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। वहीं मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद विभिन्न एजेंसियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। स्पेशल सेल में आरोपियों के खिलाफ धारा 120Bयानी आपराधिक साजिश और UAPAलगाया गया है।
इस मामले में देर रात तक दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक जानकारी नहीं दी कि गिरफ्तार छह आरोपियों के खिलाफ किन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि मामले की जांच स्पेशल सेल से करायी जायेगी। संसद में हंगामे के बाद संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई, संसद के पास सीआईएसएफ के जवान तैनात किए गए।
क्या है UAPAकानून?
UAPAकी धारा 15 आतंकवादी गतिविधि को परिभाषित करती है। इस कानून के तहत कम से कम 5 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। अगर किसी आतंकवादी घटना में किसी की जान चली जाती है तो दोषी व्यक्ति के लिए मौत की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान है।यदि कोई व्यक्ति आतंकवाद फैलाने के उद्देश्य से देश की अखंडता, एकता, सुरक्षा और संप्रभुता को नष्ट करने की कोशिश करता है या देश में या देश के बाहर भारतीयों के साथ आतंकवादी घटना को अंजाम देने की कोशिश करता है, तो वह UAPAके दायरे में आएगा।
UAPA क्यों लाया गया है?
UAPAकानून 1967 में आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए लाया गया था। इस कानून के तहत उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है जिन पर आतंकवादी गतिविधियों में संदेह होता है। UAPAकानून राष्ट्रीय जांच एजेंसी को किसी संदिग्ध या आरोपी की संपत्ति जब्त करने या जब्त करने का अधिकार देता है।UAPAकानून संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत मौलिक अधिकारों पर उचित सीमाएं लगाने के इरादे से पेश किया गया था। UAPAका उद्देश्य सरकार को देश की संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए सशक्त बनाना है। यह कानून कुछ विशेष परिस्थितियों में ही लागू होता है।
यह कानून संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत दिए गए मौलिक अधिकारों पर उचित सीमाएं लगाने के लिए लाया गया था। UAPAका उद्देश्य भारत की अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार को अधिक अधिकार देना था। UAPAविशेष परिस्थितियों में लागू किया जा सकता है।
IPC के बावजूद UAPA कानून की जरूरत क्यों पड़ी?
UAPAएकमात्र कानून है जो आतंकवाद और अवैध गतिविधियों पर लागू होता है। कई अपराध तो ऐसे थे जिनका आईपीसी में जिक्र तक नहीं था। यही कारण था कि 1967 में गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम की आवश्यकता महसूस की गई और UAPAकानून लाया गया। यह कानून अवैध और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सक्षम है।
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