हरियाणा में यमुना का कहर, सोनीपत के 25 गांवों में आया पानी
सोनीपत: हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसिक पानी ने सोनीपत में कोहराम मचाना शुरू कर दिया है। मंगलवार रात से सोनीपत जिले के यमुना के निकट लगने वाले गांवों में बाढ़ के हालत बने हुए हैं। वहीं जाजल में ही यमुना के तेज बहाल के चलते रेनीवैल के जरिये आधे शहर में सप्लाई देने वाली पेयजल लाइन भी सड़क के साथ बह गई। जिसके चलते आधे शहर में कई दिनों के लिए पेयजल संकट खड़ा हो गया है। यमुना के किनारे 25गांवों में पानी पहुंच चुका है, जिसके चलते लगभग 5हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
बता दें कि हथिनी कुंड बैराज से रुक-रुककर पानी छोड़े जाने से यमुना उफान पर है। सोनीपत के गांव जाजल में बुधवार सुबह उस समय हडकंप मच गया जब शहरवासियों के लिए यमुना से बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन के कट में दरार आनी शुरू हो गई। जिससे धीरे-धीरे कटाव बढ़ने लगा तो ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। ग्रामीणों व जिला प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कटाव को रोकने की पहल की। सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग की टीम लगातार यमुना क्षेत्र से लगते गांव के लिए बनाए गए बांध पर निरीक्षण कर रही है। कटाव की सूचना पर उसे तुरंत भर दिया गया।
वहीं बाद में गांव भैरा बांकीपुर के पास यमुना में कटाव हो गया। जिससे गांव के खेतों की दो हजार एकड़ से अधिक फसल जलमग्न हो गई। वहीं पानी गांव की तरफ बढ़ने लगा। यमुना क्षेत्र के गांव दहिसरा, भैरा बांकीपुर, खुर्मपुर, मनौली, टोंकी, पबसरा, टांडा, झुंडपुर, जाजल, गढ़ मिरकपुर, नांदनौर, टिकौला आदि के ग्रामीणों को प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है। इन गांवों के खेतों में पांच हजार एकड़ से अधिक भूमि में पानी भर गया है। जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। खेतों में लगे ट्यूबवेल के कमरों में पानी भरा हुआ है।
गांव जाजल के पास यमुना किनारे रेनीवेल बनाकर नगर निगम द्वारा शहर के वार्ड नंबर 1से 14में पेयजल की सप्लाई दी जाती है। पेयजल सप्लाई की यह लाइन बुधवार को सड़क के साथ बह गई। नगर निगम मेयर निखिल मदान ने यमुना के जाजल घाट पर निरीक्षण करने के बाद जानकारी दी कि शहर में अभी कई दिन पेयजल की परेशानी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी का कम से कम प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुरथल में लगाए गए ट्यूबवेल से पेयजल की सप्लाई की जाएगी। साथ ही जिन कॉलोनियों में ट्यूबवेल का पानी नहीं जाएगा वहां टेंकर भेजकर पानी की सप्लाई कराई जाएगी। इसके अलावा गांव में बिजली में फाल्ट आ गया। पानी भरने से 14खंभे टूट गई और कई पेड़ भी टूट गए। जिससे अब पानी उतरने के बाद ही फाल्ट को दूर किया जा सकेगा।
वहीं देर शाम सोनीपत सांसद रमेश कौशिक व जिला उपायुक्त सहित जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने यमुना से सटे गांव जाजल व टोंकी गांव में यमुना नदी में बोट से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सांसद ने यमुना में आए पानी के चलते फसल जलमग्न हो गई। सांसद ने कहा कि जिला प्रशासनिक की टीम मौके पर पहुंची चुकी है। टोंकी गांव में ग्रामीणों को शिफ्ट करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने शिफ्ट करने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों ने 24 घंटे बिजली देने की मांग की है। उन्हें 24 घंटे बिजली मुहैया करवाई जायेगी।
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