Nitish Cabinet: एससी-एसटी छात्रों के लिए नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, 31 प्रस्ताव को मिली हरी झंडी
Nitish Cabinet Approve Proposal: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में 29 जनवरी को हुई कैबिनेट की बैठक में 31 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की दरों में बड़ा बदलाव किया है।सरकार ने कक्षा 1से 10 तक के एससी और एसटी विद्यार्थियों को दी जाने वाली वार्षिक छात्रवृत्ति की राशि को डबल कर दिया है।
संशोधित दरों के मुताबिक कक्षा 1से 4तक के विद्यार्थियों को अब ₹1200 सालाना, कक्षा 5से 6तक ₹2400 सालाना, कक्षा 7 से 10 तक के छात्रों को ₹3600 वार्षिक और कक्षा 1 से 10तक के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹6000 प्रति वर्ष मिलेंगे।
योजना के पीछे सरकार की मंशा क्या?
बता दें कि वर्ष 2011 में निर्धारित छात्रवृत्ति दरें अब तक लागू थीं, जिन्हें वर्तमान जरूरतों और महंगाई को देखते हुए बढ़ाया गया है।दर संशोधन के फलस्वरूप इस योजना पर कुल अनुमानित वार्षिक खर्च ₹519.64 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। यह छात्रवृत्ति कक्षा 1 से 10 तक सरकारी विद्यालयों, स्थायी मान्यता प्राप्त एवं स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को दी जाएगी। इस फैसले से राज्य के लगभग 27 लाख छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से वंचित वर्गों के छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखने और ड्रॉपआउट दर कम करने में मदद मिलेगी।
सालाना कितने खर्च होंगे
बता दें कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के तहत छात्रावास अनुदान की दर को बढ़ाया है।अब तक 1000 रुपये प्रति माह प्रति छात्र/छात्रा मिलने वाली राशि को बढ़ाते हुए 2000 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों में रहने वाले लगभग 8150 छात्र-छात्राएं को लाभ मिलेगा।अनुदान दर के पुनर्निर्धारण से कुल अनुमानित वार्षिक खर्च 19 करोड़ 56 लाख रुपये होगा। यह बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएगी।
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