क्या हैं G-20, आम जनता से क्या है इसका कनेक्शन, जानें जी20 से जुड़े सभी सवालों के जवाब
G20 Summit 2023:भारत इस साल जी20 का मेजबान देश है। अब तक 17 शिखर सम्मेलन किए जा चुके हैं और दिल्ली में इस बार 18वां शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। जी20 की बैठक 8-10 सातंबर तक चलेगी। इसके लिए भारत में तैयारियां जोरो-शोरो पर है। वहीं सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए है। इतना ही नहीं राजधानी में होने वाली जी20 की बैठक के लिए तीन दिनों तक पूरी तरह दिल्ली बंद करने का भी फैसला किया गया है। हर जगह जी20 की चर्चाएं हो रही है, लेकिन बहुत कम लोगों को इस जी20 के बारे में जानकारी है। तो चलिए आपको इस जी20 से जुड़े सभी सवालों के जवाब देते है।
क्या है जी20 और कैसे हुई इसकी स्थापना
जी20समिट दुनिया के 20देशों द्वारा मिलकर बनाया गया एक शक्तिशाली ग्रुप है। साल 1999में इसकी स्थापना की गई। इसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देशों द्वारा मिलकर आपसी सहयोग के लिए बनाया गया था। इसमें भारत, चीन, अमेरिका, रूस, जर्मनी, जापान के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका सउदी अरब, तुर्किये, मैक्सिको, साउथ कोरिया, यूरोपीय संघ और अर्जेंटीना शामिल हैं।
जी20समिट के बनाने का उद्देश्य
दरअसल, जी20 समिट की स्थापना से पहले एशिया आर्थिक संकट से जूझ रहा था, जिसे देखते हुए जर्मनी में जी8 देशों की बैठक हुई और जी20 का गठन किया गया। इसमें सभी मजबूत अर्थव्यावस्था वाले 20 देशों के वित्तर मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों को बुलाया गया। संगठन का मकसद वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर आपसी चर्चा कर हल निकालना था। साल 2008 की वैश्विाक मंदी के बाद यह निर्णय लिया गया कि इस बैठक में सभी देशों के राष्ट्रोध्यठक्ष भी हिस्साक लेंगे।
जी20 से आम लोगों को क्या फायदा?
जी20 क्या है और इसका मकसद क्या है इसके बारे में चर्चा कर ली है। अब सवाल है कि इस जी20 से आम लोगों को क्या लेन-देन है और अगर है तो इससे आम जनता को क्या फायदा है। सरल शब्दों में समझें तो जी20 बैठक के दौरान दुनिया भर की अर्थव्यिवस्थाचओं को मजबूत करने और उसे बढ़ावा देने पर चर्चा होती है। आर्थिक मजबूती से देशों में रोजगार के ज्यासदा अवसर पैदा होते हैं। यहां शिक्षा, खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित करना, रोजगार जैसे मुद्दो पर चर्चा के बाद निर्णय लिए जाते हैं।
कैसे काम करता है जी20?
जी 20 में कुल दो ट्रैक होते हैं। पहला वित्ती य ट्रैक और दूसरा शेरपा ट्रैक। वित्तीय ट्रैक में सदस्यक देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अहम भूमिका निभाते हैं। शेरपा ट्रैक में शेरपा शब्दह को नेपाली भाषा से लिया गया है। शेरपा को गाइड कहा जाता है। जी20 में शेरपा नेताओं के गाइड की तरह काम करते हैं। शेरपा ट्रैक में नेताओं के शेरपाओं की चर्चा होती है, जिससे मुख्य बैठक के दौरान मुद्दो पर बात करने में आसानी होती है।
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