Rajasthan: 25 से ज्यादा विधायकों ने वसुंधरा के घर में डाला डेरा! क्या उठाने वाली है बड़ा कदम?
Rajasthan: राजस्थान में विधानसभा चुनाव में शानदार सफलता के बाद BJPमें मुख्यमंत्री पद की दौड़ शुरू हो गई है। अलग-अलग नेता अपने-अपने तरीके से मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। BJPसे दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आवास पर 25 से अधिक नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात की है। वसुंधरा राजे सिंधिया ने अपने जयप्रकाश आवास पर BJPविधायकों के लिए लंच और डिनर का आयोजन कर यह दिखाने की कोशिश की है कि उन्हें कई विधायकों का समर्थन हासिल है।
हालांकि,राजे से मुलाकात करने वाले कुछ लोग मीडिया से बात करने में झिझकते रहे। कई अन्य लोगों ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया और उनमें से कुछ ने अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं। लेकिन इस कवायद को ऐसे वक्त में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है जब पार्टी नेतृत्व मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर विचार कर रहा है। नवनिर्वाचित विधायकों ने राजे के सिविल लाइंस स्थित आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।
आपको बता दें कि मुलाकात करने वाले विधायकों में कालीचरण सराफ, बाबू सिंह राठौड़, प्रेम चंद बैरवा, ललित मीना, बहादुर कोली, प्रताप सिंह सिंघवी, कालू लाल मीना, शंकर सिंह रावत, विजय सिंह चौधरी और अन्य शामिल थे। नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा ने कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वसुंधरा राजे का काम देखा है और मुख्यमंत्री के बारे में फैसला संसदीय बोर्ड करेगा।
आखिर किसे राजस्थान मुख्यमंत्री बनाएगी BJP?
BJPनेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उसे 6 महीने के भीतर लोकसभा चुनाव में जाना है। ऐसे में वह ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहेगी जो आगामी लोकसभा चुनाव में उसे बड़ी जीत दिला सके। इसके लिए सामाजिक समीकरण भी साधे जायेंगे। BJPनेतृत्व किसी भी ऐसे नेता को नाराज नहीं करना चाहेगा जो लोकसभा चुनाव में उसके लिए मुसीबत बन सकता है।
यही वजह है कि BJPनेतृत्व सभी दावेदारों से बात करने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहता है। ऐसा भी माना जा रहा है कि BJPवसुंधरा राजे सिंधिया को नाराज नहीं करना चाहेगी क्योंकि वह राजस्थान में काफी लोकप्रिय हैं और आज भी मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग उनके साथ जुड़ा हुआ है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले BJPइस वर्ग को भी नाराज नहीं करना चाहेगी।
दरअसल, विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही कहा जा रहा था कि BJPके केंद्रीय नेतृत्व और वसुंधरा राजे सिंधिया के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। रणनीति के तहत BJPने राजस्थान समेत किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया। इसे पुराने चेहरों के नाम पर गुटबाजी रोकने और उनके नाम पर मतदाताओं के बीच किसी नकारात्मक लहर को रोकने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा था। फिलहाल BJPकी रणनीति सफल रही और उसे तीन बड़े राज्यों में बड़ी जीत हासिल हुई।
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