‘मुसलमानों को आतंकी...’ देश लौटते ही ‘बिलावल भुट्टो’ ने भारत दौरे को लेकर कही ये बात
sco meeting: गोवा में SCO समित खत्म हो गई है। वहीं बैठक में शामिल हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो अपने देश लौट गए है, लेकिन अपने देश पहुंचते ही उन्होंने भारत के प्रति नफरत फैलानी शुरू कर दी।
अपने देश लौटे पाक विदेश मंत्री
दरअसल पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी भारत यात्रा सफल रही क्योंकि उन्होंने बीजेपी और आरएसएस के उस विचार को नकारने की कोशिश की कि हर मुसलमान आतंकवादी होता है। उन्होंने कहा, हमने इस मिथक को तोड़ने की कोशिश की।
देश पहुंचते ही विदेश मंत्री ने फैलाई नफरत
उन्होंने कहा कि उनका यह बयान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के उस बयान के बाद दिया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रमोटर, प्रोटेक्टर और आतंकी इंडस्ट्री का प्रवक्ता करार दिया था।
भाजपा-आरएसएस को लेकर कही ये बातें
उन्होंने आगे कहा कि 'बीजेपी और आरएसएस इस मिथक को बनाने की कोशिश कर रहे हैं – दुनिया भर के मुसलमान आतंकवादी हैं। वे पाकिस्तानियों को आतंकवादी घोषित करते हैं। हमने इस मिथक को तोड़ने का प्रयास किया है।'
बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तानी मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्ते तब तक सामान्य नहीं हो सकते, जब तक कश्मीर में अगस्त 2019 जैसी स्थिति बहाल नहीं हो जाती है।
बैठक में एस जयशंकर ने उठाया था आतंक का मुद्दा
बता दें कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक के दौरान कहा था कि आतंक पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। इस कोरोना काल के साथ-साथ आंतकवाद एक बड़ा मुद्दा है। क्रास बॉर्डर टेररिज्म (Cross Border Terrorism) एक बड़ा मु्द्दा है। इसको किसी भी तरह से बिना किसी भेदभाव के रोकना चाहिए। अफगानिस्तान में मानवीय स्तर पर सहयोग करना है। साथ ही आतंकवाद और ड्रग ट्रैफिकिंग रोकना है।
पाक विदेश ने दिया था ये बयान
जिस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे को हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए और ना ही कूटनीतिक स्कोर के लिए इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा है कि पाकिस्तान शांति और सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है। बिलावल भुट्टो ने कहा, हमारे लोगों की सुरक्षा हमारी संयुक्त जिम्मेदारी है। आतंकवाद ग्लोबसर सिक्योरिटी के लिए खतरा बना हुआ है। ऐसे में इससे राजनीतिक स्कोर बनाने के चक्कर में नहीं पढ़वना चाहिए।
इसी के साथ भुट्टों ने आगे ये भी बताया कि वे केवल उस देश के विदेश मंत्री के तौर भी नहीं बोल रहे जिस देश में सबसे ज्यादा आतंकी हमले और लोगों की मौत हुई है बल्कि उस बेटे के तौर पर भी बोल रहे हैं जिसकी मां की आतंकियों ने हत्या कर दी। दुनियाभर के पीड़ितों के साथ मेरी सहानुभूति है। इस चुनौती से लड़ने के लिए एकजुट होना होगा बजाय इसका शिकार बनने के।
दुनिया
देश
कार्यक्रम
राजनीति
खेल
मनोरंजन
व्यवसाय
यात्रा
गैजेट
जुर्म
स्पेशल
मूवी मसाला
स्वास्थ्य
शिक्षा
शिकायत निवारण
Most Popular
Leave a Reply