समंदर में भी चोट खाने को तैयार रहे पाकिस्तान, राफेल-M डील पर 72 घंटे में लग सकती है अंतिम मुहर
India-France Rafale-M Deal: भारत और फ्रांस के बीच एक अहम रक्षा समझौता होने जा रहा है। 28अप्रैल को दोनों देश भारतीय नौसेना के लिए 26राफेल-एम फाइटर जेट्स की खरीद पर हस्ताक्षर करेंगे। इस डील की अनुमानित कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपये है। फ्रांस के रक्षा मंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नु भी इस मौके पर भारत में मौजूद रहेंगे।
बता दें कि,भारत इस समझौते के तहत 22सिंगल-सीटर और 4ट्विन-सीटर राफेल-एम जेट खरीदेगा। ट्विन-सीटर जेट का उपयोग नौसैनिकों की ट्रेनिंग के लिए होगा। ये सभी विमान भारत के दो प्रमुख विमानवाहक पोत—INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य—पर तैनात किए जाएंगे, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ेगी।
क्या है राफेल-एम की खासियत?
राफेल-एम एक मल्टीरोल फाइटर जेट है, जो खासतौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें AESA रडार, स्पेक्ट्रा वॉरफेयर सिस्टम और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग जैसी आधुनिक तकनीकें हैं। इसकी अधिकतम रफ्तार 2,205किमी/घंटा है और यह 3,700किमी तक मिशन पूरा कर सकता है। इस जेट में मेटियोर, स्कैल्प और एक्सोसैट जैसी आधुनिक मिसाइलें लगाई जा सकती हैं।
चीन और पाकिस्तान से बेहतर क्यों है राफेल-एम?
राफेल-एम का वजन केवल 15,000किलो है, जबकि चीन के जे-15और पाकिस्तान के पास मौजूद फाइटर जेट्स भारी और कम सक्षम हैं। इसकी फ्यूल कैपेसिटी और फेरी रेंज सबसे ज्यादा है। 14हार्डप्वाइंट्स की मदद से यह एक साथ कई हथियार ले जा सकता है। इसकी टेक्नोलॉजी इसे 4.5जनरेशन का एक अत्याधुनिक जेट बनाती है।
पाकिस्तान को रणनीतिक झटका
पाकिस्तान की नौसेना के पास कोई एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है और उसके पास जो फाइटर जेट्स हैं, वे ज्यादातर चीन से लिए गए हैं। राफेल-एम की तैनाती से भारत को समुद्री क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त मिलेगी और पाकिस्तान को बड़ा झटका लग सकता है।
यह रक्षा सौदा भारत को तकनीकी और सामरिक रूप से मजबूती देगा। साथ ही, यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
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