युद्ध के बीच ईरान सरकार में दरार! किस बात को लेकर राष्ट्रपति और IRGC प्रमुख में ठनी?
Rift In Iran Government: एक तरफ ईरान युद्ध में उलझा हुआ है। दूसरी तरफ अब ईरान की सरकार में दरार की खबरें आ रही हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के बीच युद्ध को कैसे संभाला जाए इस बात को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने IRGC की ओर से पड़ोसी देश पर किए जा रहे हमले की आलोचना की है। साथ ही युद्ध के अंजाम को लेकर आगाह किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि सीजफायर ना होने की स्थिति में ईरान की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो सकती है।
किस बात को लेकर मतभेद
बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति पेजश्कियान की मांग है कि एग्जीक्यूटिव पावर सरकार को सौंप दी जाए। लेकिन IRGC के चीफ अहमद वाहिदी पेजश्कियान की मांग से सहमत नहीं है। मौजूदा हालात के लिए IRGC के चीफ ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। IRGC ने आरोप लगाया कि संघर्ष शुरू होने से पहले सरकार ने सुधारों को ठीक तरह से लागू नहीं किया। ईरान के एक सीनियर अधिकारी के सूत्रों से कहा जा रहा है कि ईरानी सरकार में दरार के संकेत मिल रहे हैं।
ईरान की अर्यव्यवस्था पर संकट
आपको बता दें कि जंग शुरू होने से पहले ईरान की अर्यव्यवस्था की हालात खस्ता हो चुकी है। ईरान की करंसी गिर चुकी थी। अब युद्ध के कारण इस अर्थव्यवस्था को पहले से बदतर कर दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे जंग बढ़ती जा रही है। वैसे-वैसे इसके आर्थिक प्रभाव भी दिखाई देने लगे हैं। कई शहरों में नकदी खत्म हो गई है। ईरान के कई बैंक की ऑनलाइन सर्विस ठप पड़े हैं। सरकारी कर्मचारियों का दावा है कि पिछले तीन महीने से उनका वेतन नहीं मिला है। फरवरी में युद्ध शुरू होने से पहले ही महंगाई दर 115 फीसदी पहुंच गई थी।
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