अजित पवार के निधन वाले दिन इतने स्कूलों को प्रमाण पत्र किए गए जारी , 75 मंजूरियों पर उठे सवाल
Maharashta News: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के दिन एक दो नहीं बल्कि 75 फाइलों को क्लियर किया गया। अब महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक दर्जा देने को लेकर विवाद गहरा गया है। अल्पसंख्यक मामलों के विभाग उस वक्त अजित पवार को दिया गया था।
हैरानी की बात ये है कि अगस्त 2025 से कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया लेकिन 28 जनवरी को जिस दिन अजित पवार का निधन हुआ, उसी दिन 75 प्रमाण पत्र जारी किए गए। 29 जनवरी को Poddar International School के 25 स्कूलों को एक ही दिन अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा दिया गया। वहीं, St Xavier's के पाच और शांति प्रकाश और देवप्रकाश के चार स्कूलों को प्रमाणपत्र दिए गए।
अल्पसंख्यक दर्जा क्यों अहम
महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक दर्जा अहम है क्योंकि, आरटीआई के तहत 25फीसदी आरक्षित सीट दी जाती है। शिक्षक भर्ती में अनिवार्य टीईटी की जरूरत नहीं, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के लिए अलग से फंड और दान-प्रबंधन में अधिक स्वतंत्रता दी जाती है। पूर्व मंत्री मणिकराव कोकटे का कहना है कि तकनीकी खामियों के कारण अक्टूबर से प्रक्रिया रोक दी गई थी। ये विभाग अजित पवार संभाल रहे थे। कांग्रेस नेता अक्षय जैन ने कहा कि जब राज्य शोक में था तब मुख्यमंत्री ने फाइलें तेजी से निपटाई।
जांच करने की उठी मांग
महाराष्ट्र के राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खाने ने कहा कि यह घोटाला है। उन्होंने कहा कि अजित पवार के निधन का कुछ लोगों ने गलत फायदा उठाया। उनके निधन वाले दिन औऱ अगले दिन तक 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक होने का प्रमाणपत्र दिए। प्यारे खान ने कहा कि मैंने सीएम फडणवीस से एसआईटी गठित करने का अनुरोध किया था। हम इसकी जांच कराएंगे और मकोकका के तहत कार्रवाई होगी। प्यारे खान का कहना है कि अजित पवार ने आश्वासन दिया था कि अच्छे स्कूलों को ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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