मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत की बड़ी तैयारी, रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए 2.38 लाख करोड़ मंजूर
Upgradtion Indian Army: भारत अपने रक्षा उपकरणों को बड़े पैमाने पर अपडेट करने में जुटा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में 27 मार्च को हुई मीटिंग में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
बचा दें कि भारतीय सेना के लिए, बख्तरबंद भेदी टैंक गोला बारूद, उच्च क्षमता वाली रेडियो रिले, वायु रक्षा ट्रैक प्रणाली धनुष तोप प्रणाली और रनवे स्वतंत्र हवाई निगरानी प्रणाली हरी झंडी दी गई है।
S-400 की संख्या बढेगी
इसके अलावा भारतीय वायु सेना के लिए, मध्यम परिवहन विमान, S-400लंबी दूरी की सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक विमान और Su-30एयरो इंजन एग्रीगेट्स के नवीनीकरण की खरीद को हरी झंडी दी गई है। एएन32और आईएल76परिवहन बेड़े को प्रतिस्थापित करके मध्यम परिवहन विमानों को शामिल करने से सेवाओं की रणनीतिक, सामरिक और परिचालन हवाई परिवहन की आपूर्ति होगी।
दुश्मन को मिलेगा कररा जवाब
बता दें कि S-400 प्रणाली संवेदनशील क्षेत्रों को लक्षित करने वाले दुश्मन के लंबी दूरी के मिसाइलों का मुकाबला करेगी, जबकि रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक विमान आक्रामक जवाबी और समन्वित हवाई अभियानों को अंजाम देने का काम करेगा, साथ ही गुप्त खुफिया, निगरानी और पहचान गतिविधियां भी प्रदान करेगा। वहीं, एसयू30एयरो इंजन और इसके एग्रीगेट्स के अपग्रेड होने से विमान का सेवा जीवन बढ़ेगा और वायु सेना की परिचालन मजबूत होगा।
इसके अलावा भारतीय तटरक्षक बल को हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स की खरीद को हरी झंडी दी गई है। इन वाहनों का उपयोग बहुउद्देशीय समुद्री तटीय परिचालन कार्यों के लिए होगा। जिनमें उच्च गति तटीय गश्त, टोही, खोज एवं बचाव अभियान, जहाजों को सहायता प्रदान करना और रसद सहित कर्मियों और सामानों का परिवहन करने का काम करेगा।
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