दीपू चंद्र दास हत्या मामले में बांग्लादेश पुलिस की बड़ी गिरफ्तारी, दबोचा गया मुख्य आरोपी यासीन अराफात
Dipu Chandra Das Murder Case: बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा की गई क्रूर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद यासिन अराफात को गिरफ्तार कर लिया है। 25वर्षीय यासिन पर आरोप है कि उसने भीड़ को उकसाकर दीपू को पीटा, पेड़ से लटकाया और जिंदा जला दिया। यह गिरफ्तारी सरुलिया इलाके से बुधवार को की गई, जहां यासिन विभिन्न मदरसों में छिपा हुआ था। इस मामले में अब तक कुल 21लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
मुख्य आरोपी मोहम्मद यासिन अराफात कशर इलाके की शेखबारी मस्जिद का इमाम है। पुलिस के मुताबिक, उसने घटना की योजना बनाई, भीड़ को इकट्ठा करने में प्रमुख भूमिका निभाई और दीपू को हमले के लिए उकसाया। यासिन ने खुद दीपू को घसीटकर चौराहे पर ले जाकर जलाने का काम किया। घटना के बाद वह 12दिनों तक फरार रहा। मयमेनसिंह के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि यासिन की गिरफ्तारी से अन्य आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
क्या है पूरा मामला?
बता दें, यह मामला 18दिसंबर 2025की रात करीब 9बजे बांग्लादेश के मयमेनसिंह जिले के भालुका इलाके में पायोनियर निट कंपोजिट फैक्ट्री में हुई। 27वर्षीय दीपू चंद्र दास, जो एक गारमेंट वर्कर थे, आरोप है कि फैक्ट्री के सुपरवाइजर्स ने पहले उन्हें जबरन इस्तीफा देने पर मजबूर किया। इसके बाद उसे फैक्ट्री से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया और भीड़ के हवाले कर दिया।
भीड़ में 140-150 लोग शामिल थे, जो इस्लामी नारे लगाते हुए दीपू को फैक्ट्री से बाहर खींचकर ले गए। उन्हें बुरी तरह पीटा गया, एक पेड़ से लटकाया गया और फिर जिंदा आग लगा दी गई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसने दुनिया भर में सदमा पैदा किया। दीपू की मौत मल्टीपल इंजरी और जलने से हुई। वे शादीशुदा थे और तीन साल की एक बेटी के पिता थे, मूल रूप से ताराकांडा उपजिला के मुकामियाकांडा गांव के रहने वाले। उनके भाई अपू चंद्र दास ने 140-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
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