अमेरिका ने तय कर दी जंग खत्म होने की तारीख, कहा- ये ऑपरेशन महीनों नहीं बल्कि हफ्तों...
Iran War Ceasefire: अमेरिका का मानना है कि ईरान पर उसकी सैन्य कार्रवाई “सप्ताहों में, महीनों में नहीं” समाप्त हो सकती है और इसके लिए जमीन पर सैनिकों की तैनाती की जरूरत नहीं है। यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को फ्रांस में G7 मंत्रियों के साथ बैठक के बाद कही। रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस ऑपरेशन में “समय से आगे या समय पर” है और इसे उचित समय पर समाप्त कर देगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ सैनिकों को क्षेत्र में भेजा गया है, ताकि राष्ट्रपति को हर परिस्थिति में अधिक विकल्प और समायोजन की सुविधा मिल सके।
हमले में हुआ भारी नुकसान
एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर है। इस हमले में सैन्य उपकरण भी नुकसान में आए। संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों से हुई थी, जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया, खासकर हॉर्मुज़ जलसंधि के माध्यम से, जो रोजाना करीब 20 मिलियन बैरल तेल के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान की शिपिंग पर खतरे की क्षमता ने तेल और कमोडिटी बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है।
रुबियो ने दिया सुझाव
रुबियो ने कहा कि G7 मंत्रियों के साथ चर्चा में यह भी शामिल था कि ईरान जलसंधि पर शिपिंग टोल लगा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यूरोपीय और एशियाई देशों को मुक्त मार्ग सुनिश्चित करने में योगदान देना चाहिए। अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल भेजना शुरू कर दिया है, जिसमें हजारों मरीन और एयरबोर्न सैनिक शामिल हैं। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे युद्ध को कम करना और कूटनीतिक समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका से सौदा करने के लिए “खुद बखुद” संपर्क कर रहा है, जबकि तेहरान ने सीधे बातचीत से इनकार किया है।
15 बिंदुओं का प्रस्ताव
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ईरान के नाभिकीय और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ी मांगें शामिल हैं। इस बीच, ईरान में नए हवाई हमले जारी हैं, जिनमें नाभिकीय सुविधाएं और औद्योगिक साइटें शामिल हैं। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि येलोकेक यूरेनियम फैसिलिटी पर हमले के बाद कोई रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ, जिसे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी नोट किया।
ईरान में 1,900 से ज्यदा लोगों की गई जान
संघर्ष में अब तक ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि तेल की कीमतें $112 प्रति बैरल पार कर गई हैं। अमेरिका में ईंधन की कीमतें भी बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ईरान की मिसाइल क्षमता का केवल एक तिहाई हिस्सा नष्ट हुआ है, यानी देश के पास अब भी काफी हमला क्षमता मौजूद है। खाड़ी देशों ने कहा है कि किसी भी समझौते में ईरान की लंबी अवधि की मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर अंकुश और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित न करने के उपाय शामिल होने चाहिए।
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