पीएम मोदी से मिले सीएम योगी...क्या 2027 के चुनावों को लेकर हुई चर्चा, जानें क्या निकला परिणाम?
CM Yogi Meets PM Modi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही राज्य में चल रही विकास योजनाओं और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
किस बात पर दिया गया जोर
सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक सही तरीके से पहुंचे। साथ ही विकास कार्यों की गति को और तेज करने पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
योगी कर सकते हैं जेपी नड्डा से मुलाकात
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने की संभावना है। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर अहम बातचीत हो सकती है।
मंत्रिमंडल विस्तार लगभग तय
वर्तमान में योगी सरकार के मंत्रिमंडल में पहले कुल 54 मंत्री थे, जिनमें से 6 पद पहले से ही खाली थे। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद दो मंत्री को केंद्र सरकार में मंत्री बनाए जाने से राज्य मंत्रिमंडल में और पद खाली हो गए हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार लगभग तय माना जा रहा है।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को नए मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इसके अलावा कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है और संगठन से जुड़े कुछ नेताओं को सरकार में शामिल किया जा सकता है। इससे संगठन और सरकार दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है
चुनाव पहले होगा टीम तैयार
इसके साथ ही ये भी माना जा रहा है कि कुछ राज्य मंत्रियों को पदोन्नति देकर उन्हें स्वतंत्र प्रभार सौंपा जा सकता है। साथ ही बोर्ड और निगमों में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों पूर्वी यूपी से हैं। हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक का असर भी मंत्रिमंडल विस्तार में दिख सकता है। कुल मिलाकर भाजपा का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना है।
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