7 लाख डुप्लिकेट वोट...31.5 लाख प्रवासियों की पहचान, बिहार में SIR प्रक्रिया से हुआ खुलासा
SIR Process In Bihar: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक इस प्रक्रिया में 7 लाख डुप्लिकेट मतदाता और 31.5 लाख स्थायी प्रवासियों की पहचान की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और त्रुटिरहित बनाना है ताकि आगामी चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
7 लाख लोगों के वोट एक से ज्यादा जगह मिले
बिहार में SIR प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार अब तक 99% मतदाताओं को इस प्रक्रिया के तहत कवर किया जा चुका है। अभी तक की इस प्रक्रिया में स्थानीय BLOS या BLAs द्वारा 21.6 लाख मृत मतदाताओं के नाम पाए गए हैं। 31.5 लाख लोग स्थायी रूप से राज्य से प्रवास कर चुके हैं। 7 लाख मतदाताओं के वोट एक से ज्यादा जगह पाए गए हैं। 1 लाख मतदाताओं का कोई पता नहीं चल पाया। इसके अलावा 7 लाख से कम मतदाताओं के फॉर्म अब तक वापस नहीं मिले हैं।
SIR प्रक्रिया की समयसीमा
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 01 अगस्त 2025 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 01 सितंबर तक मतदाता या राजनीतिक दल सूची में नाम हटाने या जोड़ने के लिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित होगी, जिसका उपयोग आगामी विधानसभा चुनावों या लोकसभा उपचुनावों में किया जाएगा।
बता दें, निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 1 लाख से अधिक BLOs, 4 लाख स्वयंसेवकों और 1.5 लाख BLAs को शामिल किया है, जो घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी सत्यापित कर रहे हैं। इसके अलावा फॉर्म 7 (डुप्लिकेट या अप्रचलित प्रविष्टियों को हटाने के लिए) और फॉर्म 8 (व्यक्तिगत विवरण सुधारने के लिए) ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं।
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