तेहरान ने किया युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज, तनाव के बाद फिर महंगा हुआ तेल
Oil Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में मजबूती आई और कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.3% बढ़कर 98.51 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि एक दिन पहले यह 95 डॉलर से नीचे थी। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 1.6% बढ़कर 91.75 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
तेहरान ने नहीं किया प्रस्ताव स्वीकार
तेल की कीमतों में ये तेजी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण आई है। तेहरान ने अमेरिका की ओर से दिए गए युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई। बताया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में अपने सैन्य कदम बढ़ाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
तेल की सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता
इस बीच ईरान और इजरायल के बीच हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने खाड़ी देशों और इजरायल पर हमले किए, जबकि इजरायल ने तेहरान पर हवाई कार्रवाई की। इन घटनाओं ने वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ा है, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित है। यह दुनिया का एक अहम तेल मार्ग है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। युद्ध के बाद से यह मार्ग काफी हद तक प्रभावित हुआ है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक तेल की कीमतों में करीब 40% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह स्थिति अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुकी है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा।
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