चंडीगढ़ में नई शराब नीति लागू, पेट्रोल पंप और मॉल में भी मिलेगी बीयर-वाइन
Liquor Policy: चंडीगढ़ में नई आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत अब पेट्रोल पंप, मॉल और मार्केट में भी शराब की बिक्री की अनुमति दी गई है। यह नीति 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी और इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं। नई नीति के तहत L-2D नाम की नई लाइसेंस श्रेणी शुरू की गई है। इसके जरिए अब शहर के स्वीकृत बाजारों, पेट्रोल पंप और मॉल में कम से कम 300 वर्ग फुट की दुकानों में आयातित वाइन और बीयर बेची जा सकेगी। इससे ग्राहकों को ठेके पर जाने की बजाय आसान विकल्प मिलेगा।
कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
सेक्टर-9 के एक ग्रोसरी स्टोर संचालक ने बताया कि उनके पास पहले भी लाइसेंस था, जिसे कुछ साल पहले रद्द कर दिया गया था, लेकिन अब दोबारा अनुमति मिलने से कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। कर्मचारियों का कहना है कि कई लोग खासकर महिलाएं शराब की दुकानों पर जाने में असहज महसूस करती हैं, ऐसे में ग्रोसरी स्टोर बेहतर विकल्प बन सकते हैं। नई नीति में डिजिटल पेमेंट को भी अनिवार्य कर दिया गया है। अब शराब की दुकानों पर कार्ड, POS मशीन जैसे डिजिटल माध्यम रखना जरूरी होगा, जिससे लेनदेन पारदर्शी और आसान बनेगा।
प्रशासन को बड़ा बड़ा फायदा
इसके अलावा बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोमीटर रखना भी जरूरी होगा, ताकि ग्राहक अपना अल्कोहल लेवल जांच सकें और जिम्मेदारी से शराब का सेवन करें। राजस्व के मामले में भी इस नीति से प्रशासन को बड़ा फायदा हुआ है। 25 मार्च को ई-टेंडरिंग के दूसरे चरण में 11 ठेकों के लिए 19 बोलियां आईं, जिससे 53.94 करोड़ रुपये के मुकाबले 62.38 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो लक्ष्य से 15.64% ज्यादा है। इससे पहले 19 मार्च को पहले चरण में 82 ठेकों से 487.68 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था।
कुल मिलाकर 93 ठेकों से करीब 430.18 करोड़ रुपये की आय हुई है। सबसे महंगा ठेका पलसोरा में 16.71 करोड़ रुपये में बिका, जबकि धनास और सेक्टर-61 के ठेके भी ऊंची कीमत पर बिके। नई नीति से न सिर्फ बिक्री के नए विकल्प बढ़ेंगे, बल्कि प्रशासन की आय में भी इजाफा होगा।
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