मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच राजनाथ सिंह की हाईलेवल मीटिंग, CDS के अलावा तीनों सेना प्रमुख रहे मौजूद
Rajnath Singh Chair Meeting: पश्चिम एशिया में युद्ध अभी जारी है। ट्रंप ने भले ही ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमला पांच दिनों के लिए रोक दिया है लेकिन, इजरायल का ईरान पर बमबारी जारी है। इसी बीच सुरक्षा के मद्देनजर भारत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक बुलाई।
वैश्विक तनाव को देखते हुए राजनाथ सिंह द्वारा बुलाई गई बैठक में सीडीएस के अलावा तीनों सेना प्रमुख मौजूद रहे। बैठक में सीडीएस अनिल चौहान, आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी, नेवी चीफ एपी सिंह, नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी और डीआरडीओ चेयरमैन समीर कामत समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
किन -किन मुद्दों पर हुई चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा बुलाई गई बैठक में सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई। साथ भारत के सैन्य तैयारियों का आकलन किया गया। इसके अलावा सीमा सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, एयर डिफेंस और ऑपरेशनल रेडीनेस जैसे अहम मुद्दों पर मंथन किया गया। बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सेनाओं को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ये बैठक ऐसे समय में हुई जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा के हालात तेजी से बदल रहे हैं।
पीएम मोदी ने रखी अपनी बात
इससे पहले सोमवार यानी 23 मार्च को पीएम मोदी ने लोकसभा में वैश्विक तनाव को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति को चिंताजनक बताया था। पीएम मोदी ने कहा था कि ये संघर्ष न केवल आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि मानवीय स्तर पर चुनौती बन गया है। पीएम मोदी स्पष्ट किया कि भारत के कच्चे तेल और गैस की जरूरते इस क्षेत्र से पूरी होती है। ये इलाका वैश्विक व्यापार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। लोकसभा में पीएम मोदी ने ये भी कहा था कि बातचीत के जरिए संघर्ष को खत्म करना चाहिए।
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