HARYANA NEWS: IGI एयरपोर्ट, महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और हिसार के बीच होगी रेल कनेक्टिविटी, सीएम ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बिजवासन-गुरुग्राम-गढ़ी हरसरू-सुलतानपुर-फरुखनगर-झज्जर से होते हुए आईजीआई एयरपोर्ट, दिल्ली और महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हिसार के बीच माल ढुलाई के साथ-साथ यात्रियों के लिए रेल कनेक्टिविटी के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
मुख्य सचिव संजीव कौशल, जो एचआरआईडीसी के अध्यक्ष भी हैं, उनकी अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचआरआईडीसी) की बैठक में व्यवहार्यता रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।कौशल ने बताया कि इस परियोजना को मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय भेजा जाएगा। यह परियोजना दो चरणों में क्रियान्वित की जाएगी। पहले चरण में गढ़ी हरसरू-फरुखनगर-झज्जर के बीच रेल संपर्क विकसित किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल हवाई अड्डे, हिसार को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस रेल लिंक से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा, परिवहन दक्षता में सुधार और माल व यात्रियों दोनों के लिए सतत गतिशीलता को बढ़ावा मिलेगा।
विभिन्न अन्य रेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने मानेसर के पास प्रगति की सराहना की और अधिकारियों को वर्ष 2023-24के लिए परियोजनाओं को पूरा करने हेतु समय-सीमा और अल्पावधि लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए।बैठक में एचआरआईडीसी के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रवाल ने अवगत कराया कि प्रस्तावित परियोजना गढ़ी हरसरू-फरुखनगर (11किमी) मौजूदा सिंगल लाइन और फरुखनगर-झज्जर (24किमी) मिसिंग लिंक को डबल लाइन में विकसित किया जाएगा। इस पर 1225करोड़ रुपये की लागत आएगी। झज्जर-रोहतक (37किमी) मौजूदा सिंगल लाइन, रोहतक- डोभ भाली-हांसी (68किमी) का कार्य उत्तर रेलवे द्वारा प्रगति पर है। हांसी-महाराजा अग्रसेन हिसार (25किमी) लाइन को दूसरे चरण में विकसित किया जाएगा।
बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य में रेल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) से 1040करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके लिए जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) को केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 2022-23के लिए पूंजी निवेश हेतू राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत 874करोड़ रुपये की राशि दी गई थी। भारत सरकार ने इस योजना का विस्तार किया है, जिसके लिए शीघ्र ही सहायता हेतू प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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