अविमुक्तेश्वरानंद ने यौन शोषण के आरोप को लेकर दी प्रतिक्रिया, बोले- कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैला रहे
Avimukteshwaranand Sexual Abuse Case: प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है। सोमवार को उन्होंने कहा कि जिन लड़कों का नाम मामले में लिया जा रहा है, वे कभी उनके गुरुकुल में आए ही नहीं और न ही उन्होंने वहां पढ़ाई की। उन्होंने दावा किया कि वे हरदोई के एक स्कूल के छात्र हैं और उनकी मार्कशीट भी अदालत में पेश की गई है।
शंकराचार्य ने कहा कि जब वे यहां कभी आए ही नहीं, तो उनके साथ यहां कुछ कैसे हो सकता है?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाकर हिंदू संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस का करेंगे सहयोग- शंकराचार्य
शंकराचार्य ने आगे कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी करती है तो वे विरोध नहीं करेंगे और पूरी तरह सहयोग करेंगे। उनके अनुसार, उनके शिविर के आसपास हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सब कुछ रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई सीडी होने का दावा किया जा रहा है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा।
एफआईआर में इन लोगों के नाम शामिल
ये बयान उस समय आया है जब एक दिन पहले उनके खिलाफ झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर ये मामला दर्ज हुआ। एफआईआर में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात लोगों के नाम शामिल हैं। शिकायत में 2025 के माघ मेला और महाकुंभ के दौरान दो नाबालिग लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी की जाएगी।
इससे पहले भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को “मनगढ़ंत” बताया था। उन्होंने ये भी कहा कि शिकायतकर्ता अशुतोष ब्रह्मचारी पर पहले भी झूठे मामले दर्ज करने के आरोप रहे हैं और वह शामली जिले के कंधला थाने में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
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