अरविंद केजरीवाल को लगा एक और झटका, आबकारी नीति से 2000 करोड़ के नुकसान का खुलासा
PAC Report On Delhi Liqour Policy:दिल्ली आबकारी नीति पर लोक लेखा समिति ने रिपोर्ट पेश की है। पीएसी की रिपोर्ट में दिल्ली आबकारी नीति को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों के कारण 2000करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, कई महत्वपूर्ण निर्णय बिना सक्षम प्राधिकरी की मंजूरी के लिए गए। विशेषज्ञ समिति के द्वारा बताए गए सुझावों से हटकर फैसले लिए गए। जबकि लाइसेंस जमा न करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई में ढील दी गई।
नियमों की अनदेखी की गई- PAC
जांच के दौरान इंडोस्प्रीट और Khaogali रेस्टोरेंट के बीच शेयरहोल्डिंग और डायरेक्टर स्तर पर संबंध पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि Khaogali ने अपने शराब स्टॉक का 45.26फीसदी हिस्सा इंडीस्प्रीट से खरीदा, जिसके कारण थोक और खुदरा विक्रेताओं के बीच वर्टिकल इंटीग्रेशन के संकेत मिले हैं। 2021की आबकारी नीति के तहत टेंडर प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। रिपोर्ट के मुताबिक 22शिकायतें मिली। जिनमें 8बोली लगाने वाले अयोग्य पाए गए। इसके बावजूद बिना किसी जांच के 17खुदरा जोन आवंटित किए गए।
पीएसी कि रिपोर्ट में कई बड़े खुलासा
पीएसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिना किसी औचित्य के नियमों व प्रक्रियाओं की अनदेखी गई। पीएसी की रिपोर्ट में 2017से 2021के बीच पुरानी आबकारी नीति में भी कई खामियों को बताया गया। कीमतों में पारदर्शिता की कमी, गुणवत्ता नियंत्रण में ढिलाई और निगरानी एजेंसियों और प्रवर्तन शाखा की विफलता शामिल हैं। ये मालला पहले ही अदालत में लंबित है और सीबीईऊ औऱ इडी जांच कर रही है। पीएसी ने अपनी सिफारिशों पर अंतिम निर्णय का अधिकार सदन पर छोड़ दिया है।
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