LG सक्सेना और CM रेखा गुप्ता ने 25 अटल कैंटीनों को दी हरी झंडी, कहा- जनता के विश्वास से आया बदलाव, गरीबों का हित सर्वोपरि
Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में 24नई अटल कैंटीनों की शुरुआत की। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल माध्यम से इन कैंटीनों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 70हो गई है। उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने कैंटीन में बैठकर आम लोगों के साथ भोजन किया।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि 24नई अटल कैंटीन शुरू होने से दिल्ली में इनकी संख्या 70हो गई है। यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अटल कैंटीन मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों को 5रुपये में सम्मानजनक व पौष्टिक भोजन देने की पहल है। योजना पारदर्शिता के साथ संचालित हो रही है और यह सरकार के गरीबों के कल्याण व समावेशी विकास के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता और स्वाद में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
इस अवसर पर उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने कहा कि यह दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण दिन है। 24नई अटल कैंटीन शुरू होने के बाद अब राजधानी में कुल 70अटल कैंटीन अलग-अलग जगहों पर चल रही हैं। यहां लोगों को कम कीमत पर साफ और पौष्टिक भोजन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह पहल पिछले साल 25दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर शुरू की गई थी। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, प्रवासी मजदूरों, बाहर से पढ़ने आए छात्रों, रिक्शा चालकों, सफाई कर्मचारियों, घरेलू सहायकों और मजदूरों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है।
दिल्ली सरकार हर थाली पर 25रुपये की सब्सिडी दे रही है- उपराज्यपाल
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली सरकार हर थाली पर 25रुपये की सब्सिडी दे रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ खाना मिल सके। कैंटीनों में खाने की गुणवत्ता पर नियमित नजर रखी जाती है और साफ-सफाई व पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि इस योजना को आगे भी इसी तरह सफलतापूर्वक चलाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अटल कैंटीन उन लोगों के लिए हैं, जो प्रतिदिन कठिन परिश्रम करते हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सस्ती कीमत पर सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन मिले। यह योजना केवल खाना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीबों, मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, निर्माण श्रमिकों और रिक्शा चालकों के जीवन में सम्मान और सुरक्षा का एहसास भी देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है ताकि कोई भी भूखा न सोए। अटल कैंटीनों में मात्र 5रुपये में स्वच्छ, पौष्टिक और अच्छा भोजन दिया जा रहा है, जिससे कम आय वाले लोगों को राहत मिल रही है। आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य 100अटल कैंटीन शुरू करने का है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि कैंटीनों में दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसे संतुलित भोजन परोसे जा रहे हैं। व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु रखने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। भोजन स्टील की थाली में दिया जाता है और बिलिंग पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए अटल कैंटीन का कॉर्पस फंड बनाने का सुझाव भी दिया गया है ताकि समाजसेवी विशेष अवसरों पर भोजन प्रायोजित कर सकें।
जनता के विश्वास से राजधानी में बदलाव आया है- सीएम रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20फरवरी को दिल्ली सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। जनता के विश्वास से राजधानी में बदलाव आया है और सरकार पारदर्शिता व जवाबदेही के साथ काम कर रही है। पिछले एक साल में गरीबों और मजदूरों के हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं। अटल कैंटीनों की शुरुआत भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विकसित और समावेशी दिल्ली बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
50,000से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को फायदा मिलेगा- सूद
इस अवसर पर दिल्ली के शहरी विकास मत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार ‘अंत्योदय’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 25दिसंबर से शुरू हुई अटल कैंटीन योजना के तहत अब तक 57दिनों में 14,58,301लोगों ने केवल 5रुपये में पौष्टिक भोजन किया है। पिछले 56दिनों में 46अटल कैंटीन चल रही थीं, जहां प्रतिदिन औसतन करीब 26हजार लोगों ने भोजन किया। हर कैंटीन में औसतन 31हजार से ज्यादा लोगों को भोजन दिया गया है। जल्द ही 25और नई कैंटीन शुरू की जाएंगी, जिससे रोज करीब 50,000से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन सिर्फ भोजन देने की योजना नहीं है, बल्कि समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत पर काम कर रही है, ताकि विकास का लाभ आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
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