
Child Phone Addiction: आज के डिजिटल युग में बच्चों का बार-बार फोन मांगना और स्क्रीन टाइम बढ़ना आम समस्या बन चुकी है। 2026में विशेषज्ञों और पैरेंटिंग गाइड्स के अनुसार, यह आदत डोपामाइन की वजह से बनती है, जहां बच्चा बार-बार फोन की तरफ आकर्षित होता है। लेकिन डांट-फटकार या सख्ती से ज्यादा कुछ ऐसे असरदार तरीके हैं, जो बच्चे को धीरे-धीरे फोन से दूर कर सकते हैं। इन ट्रिक्स को अपनाकर आप बच्चे की इस आदत को नियंत्रित कर सकते हैं।
स्क्रीन टाइम की समय सीमा और रूटीन बनाएं
बच्चे को फोन तभी दें जब वह घर का काम, होमवर्क, पढ़ाई या खेल-कूद पूरा कर ले। इससे बच्चा जान जाएगा कि फोन 'मांगने' से नहीं, बल्कि नियमों से मिलता है। शुरुआत में रोना-धोना हो सकता है, लेकिन 7-10दिनों में आदत पड़ जाती है। साथ ही, परिवार में 'फोन-फ्री जोन' बनाएं जैसे - खाना खाते समय, सोने से पहले या परिवार के साथ समय बिताते वक्त फोन दूर रखें।
ऑफलाइन एक्टिविटी से डोपामाइन बढ़ाएं और विकल्प दें
बच्चे फोन इसलिए मांगते हैं क्योंकि वहां मिलने वाला मजा (गेम, वीडियो) डोपामाइन देता है। इसे बैलेंस करने के लिए आउटडोर खेल, साइकिलिंग, क्राफ्ट, बोर्ड गेम्स, स्टोरी टेलिंग या परिवार के साथ खेल बढ़ाएं। बच्चे की उम्र के हिसाब से रोचक एक्टिविटी चुनें - जैसे छोटे बच्चे के लिए पार्क जाना, बड़े के लिए स्पोर्ट्स या म्यूजिक। जब बच्चा ऑफलाइन मजा लेने लगेगा, तो फोन की मांग खुद-ब-खुद कम हो जाएगी। पैरेंट्स खुद भी फोन कम इस्तेमाल करें, क्योंकि बच्चे रोल मॉडल से सीखते हैं।
ग्रे स्केल मोड (Grayscale) ऑन करके फोन को 'बोरिंग' बनाएं
यह सबसे आसान और प्रभावी ट्रिक है, जिसे कई पैरेंट्स अपना रहे हैं। फोन की सेटिंग में कलर को ब्लैक एंड व्हाइट (ग्रे स्केल) कर दें। इससे स्क्रीन आकर्षक नहीं रहती—गेम्स, वीडियो, सोशल मीडिया सब फीके लगते हैं, और बच्चा खुद ही कम समय बिताता है। यह सेटिंग बच्चे के फोन पर लगाएं और बताएं कि फोन अब ब्लैक-व्हाइट है, इसलिए कम मजा आएग'।
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