Donald Trump Tariff: एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया पर टैरिफ का बम फोड़ दिया है। ट्रंप ने पहले कनाड़ा पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की। इसके बाद सभी जेनेरिक दवाओं पर 200% तक आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो दुनिया के प्रमुख जेनेरिक दवा निर्यातकों में शामिल हैं। भारतीय फार्मा कंपनियों के निर्यात, कारोबार और अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा पर इसका प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प ने बुधवार को घोषणा की कि 1 अगस्त, 2026 से दो साल तक अमेरिका में आयात होने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर शून्य प्रतिशत टैरिफ लागू रहेगा, जिसके बाद टैरिफ में 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ पर ट्रम्प ने कहा कि इस नीति का मकसद जेनेरिक दवाओं के उत्पादन को वापस अमेरिका में लाना है और जो कंपनियाँ तय समय-सीमा के भीतर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उपकरण स्थापित नहीं करेंगी, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर दो साल तक ज़ीरो परसेंट टैरिफ लागू रहेगा। इसके बाद, एक साल के लिए टैरिफ बढ़ाकर 100% कर दिया जाएगा और फिर उसके बाद इसे 200% कर दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इसका मकसद अमेरिकी लोगों की सुरक्षा करना है, जबकि पेटेंट वाली, ब्रांडेड और इनोवेटिव दवाओं पर मौजूदा पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि इस पॉलिसी का मकसद अमेरिका के लोगों की सुरक्षा करना है। पेटेंट वाली, ब्रांडेड या इनोवेटिव दवाओं पर जो पॉलिसी अब तक बहुत सफल रही है, वह वैसी ही बनी रहेगी। इसके अलावा, उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि अमेरिका भर में दवा बनाने वाली फैक्ट्रियां बहुत तेज़ी से बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरे अमेरिका में दवा बनाने वाली फैक्ट्रियां ऐसी तेज़ी से बनाई जा रही हैं, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।