Iran Supreme Leader: ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर लगातार कई कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई ईरान में नहीं हैं। उनको लेकर सस्पेंस तब और बढ़ जाता है, क्योंकि वह सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, केवल लिखित बयानों के जरिए ही बातचीत की है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि तेहरान में सत्ता के लिए आंतरिक संघर्ष हो रहा है, जिससे देश के कट्टरपंथी गुट प्रशासन से अलग रुख अपना चुके हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार कट्टरपंथी ग्रुप सत्ताधारी नेताओं पर अमेरिका के साथ 14 सूत्रीय राजनयिक समझौते के बाद सॉफ्ट कूप करने का आरोप लगा रहे हैं।
तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप
अमेरिका स्थित शोधकर्ता अराश अजीजी ने कहा कि मोजतबा की निरंतर अनुपस्थिति का मतलब है कि कट्टरपंथियों की उन तक पहुंच नहीं है और गालिबफ और उनके सहयोगी प्रभावी रूप से देश के प्रमुख है। इसलिए अति-कट्टरपंथियों ने गालिबफ और पेजेश्कियन पर मोजतबा के खिलाफ तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
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सांसद ने भी खड़े किए सवाल
वहीं, एक कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियन ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान की जनता को चेतावनी, क्या तख्तापलट होने वाला है? इसके अलावा समारोह के बाद उन्होंने पोस्ट किया कि शहीद इमाम को विदाई के इन क्षणों में हम उनके रक्त का बदला लेने का झंडा बुलंद करते हैं। उन्होंने कहा कि तख्तापलट के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।