Haryana News: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हुए एक मिसाइल हमले ने हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मर्चेंट नेवी में कार्यरत गुरप्रीत सिंह बाठ की यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास जहाज पर हुए हमले में मौत हो गई। इस हमले में चार भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की जान गई है। गांव में मातम पसरा है और परिजन भारत सरकार से शव को जल्द स्वदेश लाने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, यमुनानगर के गांव पंजेटो निवासी गुरप्रीत सिंह बाठ गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट वेसल एमवी गोल्डन लियो पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि 19 जुलाई की शाम जहाज के यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते ही उस पर क्रूज मिसाइल से हमला हुआ। विस्फोट में गुरप्रीत सहित चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल है। कंपनी ने सोमवार दोपहर फोन कर परिजनों को हादसे की सूचना दी।
गुरप्रीत परिवार का इकलौता बेटा था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसकी छह माह की एक बेटी है। वर्ष 2016 में सड़क हादसे में पिता किर्तन सिंह की एक टांग कटने के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी गुरप्रीत पर ही थी। पिता ने बताया कि शनिवार शाम बेटे से आखिरी बार वीडियो कॉल पर बात हुई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह आखिरी बातचीत होगी।
मृतक के पिता के मुताबिक, शनिवार शाम बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। उसने सभी का हालचाल पूछा और अपनी छह माह की बेटी को वीडियो कॉल पर देखा। सोमवार को कंपनी का फोन आया और बेटे की मौत की खबर मिली। हमारी सरकार से अपील है कि उसके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाया जाए ताकि पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा सके।
परिजनों के अनुसार गुरप्रीत के शव को भारत लाने में करीब 10 दिन लग सकते हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीण सरकार से जल्द पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की मांग कर रहे हैं।