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'बॉस स्कैम' से सावधान! CEO बनकर ठग रहे साइबर अपराधी, SEBI ने कंपनियों को जारी की चेतावनी

'बॉस स्कैम' से सावधान! CEO बनकर ठग रहे साइबर अपराधी, SEBI ने कंपनियों को जारी की चेतावनी

WhatsApp Boss Scam: भारत में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब ठगों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है, जिसे "बॉस स्कैम" (Boss Scam) या CEO इम्पर्सोनेशन फ्रॉड कहा जा रहा है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सभी सूचीबद्ध कंपनियों और नियामक संस्थाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। SEBI के मुताबिक, ठग कंपनी के CEO, MD या किसी बड़े अधिकारी बनकर फाइनेंस विभाग के कर्मचारियों को व्हाट्सऐप, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए मैसेज भेजते हैं। वे किसी जरूरी काम का हवाला देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। कई कर्मचारी इसे असली आदेश समझकर पैसे भेज देते हैं और बाद में पता चलता है कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

I4C ने दी चेतावनी

यह चेतावनी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा ऐसे मामलों में बढ़ोतरी की जानकारी मिलने के बाद जारी की गई है। SEBI ने बताया कि साइबर अपराधी इस ठगी के लिए दो प्रमुख तरीके अपना रहे हैं। पहला तरीका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। इसमें ठग वॉइस क्लोनिंग, डीपफेक वीडियो कॉल और फर्जी सोशल मीडिया ग्रुप का इस्तेमाल करके खुद को कंपनी का CEO या MD साबित करते हैं। इसके बाद कर्मचारी से तुरंत किसी खाते में पैसा भेजने के लिए कहा जाता है। कई बार इसे गोपनीय बताते हुए कहा जाता है कि यह कंपनी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी (UPSI) है, ताकि कर्मचारी किसी और से इसकी पुष्टि न करे।

WhatsApp Web का कंट्रोल

दूसरे तरीके में ठग .zip फाइल भेजते हैं। इस फाइल में छिपा मालवेयर कंप्यूटर में इंस्टॉल होकर WhatsApp Web का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेता है। इसके बाद अपराधी कर्मचारी के व्हाट्सऐप अकाउंट से दूसरे कर्मचारियों को फर्जी भुगतान के निर्देश भेजते हैं। कुछ मामलों में वे मोबाइल में अपना नंबर CEO के नाम से सेव कर देते हैं और उसी के जरिए मैसेज भेजते हैं। SEBI ने कंपनियों को सलाह दी है कि व्हाट्सऐप, ईमेल या सोशल मीडिया पर मिले किसी भी पेमेंट आदेश पर सीधे कार्रवाई न करें। पहले संबंधित अधिकारी से फोन पर बात करके आदेश की पुष्टि जरूर करें।

कैसे कराएं शिकायत दर्ज?

इसके अलावा कर्मचारियों से कहा गया है कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध .zip या executable फाइल को न खोलें और जिन WhatsApp Web सेशन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, उन्हें तुरंत लॉगआउट कर दें। यदि किसी को इस तरह की साइबर ठगी का संदेह हो, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सतर्क रहना ही इस नए साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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