Diesel Sale Cap: भारत सरकार ने होर्मुज संकट और ईरान-इजरायल तनाव के बीच देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ किया है कि देश में डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन पैनिक खरीद और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए डीजल की बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है।
नए नियम के तहत अब एक व्यक्ति या वाहन को एक बार में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा, ताकि अनावश्यक स्टॉकिंग और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य ईंधन की सप्लाई चेन को मजबूत रखना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना है, जबकि पेट्रोल पंपों पर डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए हर खरीद पर नजर रखी जाएगी।
शुक्रवार को सरकार ने आदेश जारी करते हुए देशभर के खुदरा पेट्रोल पंपों पर हाई स्पीड डीजल (HSD) की बिक्री को सीमित कर दिया है। नए नियम के तहत अब किसी भी ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जाएगा, यानी कोई भी व्यक्ति या वाहन एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं खरीद सकेगा। सरकार का यह फैसला ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और संभावित जमाखोरी व पैनिक बाइंग को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार ने अपना रूख किया साफ
इस फैसले पर सरकार ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि यह फैसला डीजल की जमाखोरी, अनावश्यक भंडारण और संभावित कालाबाजारी को रोकने के मकसद से लिया गया है. हाल के दिनों में कुछ इलाकों में ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी और स्टॉक जमा करने की आशंकाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।