Search KhabarFast

Press ESC to close

नीट यूजी 2026 परीक्षा में बड़ा बदलाव...समय बढ़ा, छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त रफ वर्क स्पेस

नीट यूजी 2026 परीक्षा में बड़ा बदलाव...समय बढ़ा, छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त रफ वर्क स्पेस

NEET 2026: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रों के हित में कई अहम बदलाव किए हैं। लंबे समय से पेपर लीक विवाद और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर चर्चा में रही एनटीए ने इस बार परीक्षा को अधिक छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा की अवधि को बढ़ाकर 195 मिनट यानी 3 घंटे 15 मिनट कर दिया गया है। अब परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी।

क्यों किया गया बदलाव? 

एनटीए का कहना है कि यह बदलाव छात्रों को बेहतर सुविधा देने के लिए किया गया है, ताकि वे बिना किसी जल्दबाजी और मानसिक दबाव के प्रश्न पत्र हल कर सकें। कई वर्षों से छात्रों की शिकायत थी कि परीक्षा केंद्र पर अटेंडेंस शीट पर हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक जांच और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उनका समय बर्बाद हो जाता है, जिससे पेपर हल करने में दिक्कत होती है। नए नियम के अनुसार, ये सभी प्रक्रियाएं अब निर्धारित 195 मिनट की समय-सीमा के भीतर ही पूरी की जाएंगी।

रफ वर्क के लिए अधिक जगह 

इसके अलावा एनटीए ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में कैलकुलेशन और रफ वर्क की जरूरत को देखते हुए प्रश्न पत्र पुस्तिका में रफ वर्क के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्रों को गणना करने में आसानी होगी और उन्हें अलग से जगह ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा को अधिक पारदर्शी और छात्र-हितैषी बनाना है। एजेंसी ने यह भी कहा कि छात्रों की लंबे समय से मिल रही प्रतिक्रिया और सुझावों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? 

विशेषज्ञों का मानना है कि समय बढ़ने और रफ वर्क स्पेस बढ़ाने से छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। इससे परीक्षा का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है। नीट-यूजी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के सपने के साथ शामिल होते हैं। ऐसे में इस बार किए गए बदलावों को छात्रों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। 

Also read: IAS Success Story: क्लासिकल म्यूजिक से UPSC तक का सफर, पल्लवी मिश्रा बिना कोचिंग बनीं IAS अफसर

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

IAS Success Story: क्लासिकल म्यूजिक से UPSC तक का सफर, पल्लवी मिश्रा बिना कोचिंग बनीं IAS अफसर

IAS Success Story: भोपाल की रहने वाली पल्लवी मिश्रा ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। पिता वकील, मां साइंटिस्ट और भाई आईपीएस—ऐसे परिवार से आने वाली पल्लवी ने भी अपनी मेहनत और लगन से देश की सेवा का रास्ता चुना। क्लासिकल म्यूजिक में मास्टर्स और लॉ की डिग्री लेने के बाद उन्होंने न केवल UPSC की चुनौती स्वीकार की, बल्कि ऑल इंडिया रैंक 73 हासिल कर IAS अधिकारी बन गईं। पल्लवी AGMUT कैडर की 2023 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल जम्मू के मढ़ में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रही हैं।

IAS Success Story: लंदन में नौकरी छोड़कर शुरू की UPSC की तैयारी, पहले बनी IPS और फिर बनीं IAS अफसर

IAS Success Story: यूपी कैडर की आईएएस दिव्या मित्तल ने अपनी शिक्षा और करियर यात्रा से कई लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए किया। इसके बाद वह लाखों की नौकरी के लिए लंदन चली गईं, लेकिन विदेश में मन नहीं लगने के कारण वापस भारत लौट आईं।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

ad top
Khabar Fast