Credit Card Alert: अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बड़े खर्चों के लिए करते हैं, तो अब आपको सावधान रहने की जरूरत है। आयकर विभाग ने हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन पर अपनी नजर और सख्त कर दी है। खासकर क्रेडिट कार्ड से होने वाले बड़े खर्च अब सीधे जांच के दायरे में आ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आपके क्रेडिट कार्ड खर्च आपकी घोषित आय (इनकम) से मेल नहीं खाते, तो आपको टैक्स नोटिस मिल सकता है। ऐसे मामलों में यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने हर बड़े खर्च का सही रिकॉर्ड और दस्तावेज संभालकर रखें।
आयकर विभाग मांग सकता है जवाब
आयकर विभाग को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (SFT) के जरिए जानकारी मिलती है। इन रिपोर्ट्स में सालभर के सभी बड़े लेनदेन का विवरण होता है। अगर इन आंकड़ों और आपके आयकर रिटर्न (ITR) में फर्क पाया जाता है, तो विभाग आपसे जवाब मांग सकता है। टैक्स विशेषज्ञों ने एक उदाहरण से समझाया कि जब एक व्यक्ति ने ITR दाखिल नहीं किया, लेकिन उसके क्रेडिट कार्ड से बड़े खर्च सामने आए, तो आयकर विभाग ने उन खर्चों को उसकी आय मान लिया। इससे उसकी टैक्स योग्य आय में करीब 16.6 लाख रुपये का इजाफा कर दिया गया।
लेनदेन का रिकॉर्ड होना जरूरी
हालांकि बाद में उस व्यक्ति ने बैंक स्टेटमेंट, परिवार के अन्य सदस्यों के उपयोग के प्रमाण और अन्य जरूरी दस्तावेज देकर यह साबित किया कि सभी खर्च उसके व्यक्तिगत नहीं थे। इसके बाद टैक्स ट्रिब्यूनल ने उसके पक्ष में फैसला दिया और अतिरिक्त आय को हटा दिया गया। यह मामला साफ करता है कि अगर आपके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल परिवार के अन्य सदस्य या बिजनेस के काम में होता है, तो हर लेनदेन का स्पष्ट रिकॉर्ड होना जरूरी है। क्योंकि कार्ड आपके पैन से जुड़ा होता है और किसी भी गड़बड़ी की जिम्मेदारी आपकी ही मानी जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब क्रेडिट कार्ड सिर्फ भुगतान का साधन नहीं, बल्कि टैक्स निगरानी का भी अहम हिस्सा बन गया है। इसलिए सभी खर्चों से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी भी नोटिस या जुर्माने से बचा जा सके।
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