Strait Of Hormouz:अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। शिपिंग डेटा कंपनी केपलर के अनुसार, इस लगभग 600 जहाज फारस की खाड़ी के अंदर फंसेह हुए हैं। दूसरी तरफ सैंकड़ों खाली जहाज भी खाड़ी के बाहर खड़ें हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए जहाज में 13 भारतीय झंडे वाले कार्गो वाला जहाज भी शामिल हैं। इन जहाजों पर कुल 562 भारतीय नाविक मौजूद हैं। भारत के शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, इनमें से 329 नाविक होर्मुज के पश्चिमी हिस्से और 233 नाविक ओमान की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
युद्ध के दौरान कितने जहाज पार किए
सामान्य दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोजाना 80 से 130 जहाज गुजरते थे। यानी सालाना 30000 से ज्यादा टैंकर। 1 और 8 मार्च के बीच रोजना औसतन सिर्फ 6 जहाज गुजरे हैं। जबकी फरवरी में युद्ध से पहले यह संख्या औसतन 100 जहाज प्रतिदिन थी। अप्रैल महीने में सिर्फ 191 जहाज ही इस रास्ते से पार कर पाए। 10 जून 2026 को ईरान ने सभी कमर्शियल और टैंकर ट्रैफिक के लिए स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया था। 7 जून को सिर्फ 2 ही जहाज इस रास्ते से पार कर पाए थे।
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आवाजाही कब होगी सामान्य
शिपिंग कंपनियां अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। उनका कहना है कि सुरक्षा और रास्ते की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आवाजाही सामान्य हो सकेगी। शिपिंग संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर बड़ी संख्या में जहाज निकलने लगे तो जाम लग सकता है। इसके अलावा समुद्र में बिछी माइंस से जुड़ी परेशानियों को भी दूर करना होगा। ईरान का कहना है कि उसे सी माइंस हटाने में 30 दिन लगेंगे। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज खुलने के बाद भी सामान्य स्थिति में लौटने के लिए कई महीने लग सकते हैं।